250 फुट ऊंचा और 500 फुट लंबा, भंडारण की सीमा बताई नहीं गजब खनिज अधिकारी


रेत का भंडारण है या पहाड़,पूछा फिर भी खनिज अधिकारी को स्टॉक सीमा का पता नहीं होता तो बताते जरूर 


संपादक हेमराज विश्वकर्मा 
HR Times News नरसिंहपुर   जिले में 36 रेत खदानें स्वीकृत है स्वीकृति होने के बावजूद बेमतलब बेमिसाल स्टॉक करना मां नर्मदा का दोहन ही है और इस दोहन का खमियाजा जिले की आवाम को भुगतना पड़ रहा है । बहरहाल खबर यह है कि गाडरवारा सालीचौका समीप पनागर में रोड हाईवे 22 पर दूधी नदी रेत  टेंडर के बाद कंपनी ने सीमा से अधिक स्टॉक कर दिया है सूत्र बताते हैं कि कंपनी हर साल पहाड़ जैसा रेत का स्टाक कर देती है । जो की शायद शासन प्रशासन के नियम के आंकड़े के मुताबिक से ज्यादा होता है जुलाई में रेत खदानों पर प्रतिबंध लगा और अब आप देखिए भारी भरकम स्टाक 2 महीने निकल चुके हैं, और भारी मात्रा में रेत ढुलाई लगातार चल रही है ।

सालभर बेंचों तो,ना होगी स्टाक की रेत खत्म 

           खनिज अधिकारी से कई बार इस संबंध में जानकारी लेनी चाहिए की जिले में कितनी खदानें है और कौन-कौन इन खदानों के संचालक है प्राप्त जानकारी अनुसार जिले में 36 खदान है लेकिन इन खदानों पर किन-किन बंदरों का कब्जा है खनिज अधिकारी का मुंह नहीं खुलता जबकि आए दिन अवैध खनन लड़ाई झगड़ा रेत के ऊपर से दोनों तरफ हुए भी है । जिसकी खबरें जयलोक एवं अन्य अखबारों में भी प्रकाशित हुई है । ऐसे अधिकारी के विषय में उच्च अधिकारी वर्ग को गंभीर तौर पर विचार करना चाहिए। 


           बहरहाल रेत का स्टाक कितना बाकी है यह देखकर अभी भी अंदाजा लगाया जा सकता है कि शासन के नियमों को ताक पर रखकर रेत का स्टाक किया गया है। कितने घन मीटर रेत का स्टॉक नियमानुसार होना चाहिए । क्या उतना होगा या उससे अधिक स्टॉक है रेत के स्टाक के सामने अगर खड़े होकर देखो तो यह रेत का पहाड़ करीब ढाई सौ फीट ऊंचा और 500 फुट लंबा दिखाई देता है । क्या यह स्टॉक और रेत की रॉयल्टी नियम अनुसार दी जा रही है । इस पर तो सोचो खनिज अधिकारी जी ? ऐसा लग रहा है कि जिम्मेदार प्रशासन और स्थानीय एवं विधानसभा वार दलालो का ख़ेमा भी रेत में भारी लूटमारी में लगा हुआ है। और चर्चा है कि कमीशन खोरी का खेल भी चल रहा । यही हाल गोटेगांव तक है और नरसिंहपुर जिले की रेत अन्य जिलों में भिजवाने के कारण लोकल की जनता को सही दामों पर रेत उपलब्ध नहीं हो पा रही है। मनमाना रवैया रेत के मामले में चल रहा है। लेकिन खनिज विभाग को इन चीजों से कोई सरोकार नहीं जनता के साथ लूट हो या ना हो इस जिले में प्रशासन इस ओर अपना ध्यान आकर्षित करते हुए इस भारी भरकम स्टाक पर नजर डालें और रेत का भंडारण जप्त कर शासन द्वारा हो रहे निर्माण कार्य में इस रेत का उपयोग करें ताकि दोबारा ऐसी हिमाकत ना हो । 

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