घोर लापरवाही के चलते, दुर्घटना ग्रस्त बीमार, पशुओं का देखा जा रहा है, मौत का मंजर ,पशु चिकित्सालय
HR Times News नरसिंहपुर। जिला पशु चिकित्सालय में स्थित निराश्रित एवं दुर्घटनाग्रस्त गोवंश में छायाचित्र पर लिखा हुआ है कि वेलकम गौ माता और एक तरफ अधिकारी/कर्मचारी वर्ग गोवंश बेजुबान पशुओं के नाम पर बेहद लापरवाही करतें है। बेजुबान पशु आए दिन काल के गाल में समांते हैं जिला पशु चिकित्सालय में सेवा के बदले पशु प्रेमीओ को सिर्फ शोक और दुख के अलावा हाथो कुछ नहीं लग रहा है इसे किसकी लापरवाही कहेंगे जनाव ख़ान साब ?
हम बता दें कि हाल यह है जिला पशु चिकित्सालय में जितने भी अधिकारी कर्मचारी या अन्य पदों पर पदस्थ यह सिर्फ शासन को सैलरी लेनेे के नाम सिर्फ चूना लगाते समझ आ रहे हैं । एक तरफ प्राइवेट फाउंडेशन गोवंश की सेवा करते हुए दुर्घटनाग्रस्त,बीमार पशुओं को जिला अस्पताल तक अपने खर्चे से पहुंचते हैं और दूसरी ओर पशु प्रेमी दुर्घटनाग्रस्त बेजुबान, बीमार जीवो को एक बड़ी आश के साथ जिला पशु अस्पताल लाकर भर्ती करते हैं और वह पशु प्रेमी अपने खर्चे पर उनकी सेवा करते हैं जब डॉक्टर और चिकित्सालय में पदस्थ सैलरी धारकों से मदद मांगी जाती है तो वह अपना पल्ला झाड़ने में कोई कसर नहीं छोड़ते हैं । बहरहाल एक आद आ भी जाता है तो उसके पास पावर और सुविधा के नाम कुछ नहीं होता जनाव । ऐसे हालातो में कैसे बेजुबान पशुओं को बचाया जा सकता है ? शासन/प्रशासन इस और अपना ध्यान आकर्षित करे ।
बेजुबान पशुओं से बेइंतेहा मोहब्बत करने वाले पशु प्रेमी बार-बार हो रही दुखी
गत् दिवस दिनांक 27/7/2024 को जिला कलेक्टर को अनुसूचित जाति जनजाति संगठनों का अखिल भारतीय परिसंघ जिला नरसिंहपुर अध्यक्ष एन के नरवरिया द्वारा मेल आईडी पर शिकायत पत्र दिया है जो सोशल मीडिया के व्हाट्सएप ग्रुपों पर भी वायरल है उस पत्र अनुसार बेजुबान पशुओं के हित में एक जिम्मेदारों पर दंडात्मक कार्यवाही होनी चाहिए जिससे जिला पशु चिकित्सालय में हो रही लापरवाही तुरंत बंद हो सके और बेजुबान पशुओं को सही इलाज मिल सके और लाए गए दुर्घटनाग्रस्त, बीमार बेजुबान पशुओं की मौत ना हो सके शिकायत पत्र में बताया गया है कि जिला पशु चिकित्सालय मे कर्मचारियों/अधिकारियों की लापरवाही की पराकाष्ठा पार हो चुकी है,जिसके कारण बेजुबान पशु गोवंश मौत का शिकार हो रहे हैं। और निराश्रित बीमार व दुर्घटनाग्रस्त पशुओं को पशु प्रेमी अपने हृदय में सेवा भाव रखकर इस आशय के साथ जिला चिकित्सालय में भर्ती कराते हैं कि पशु को उचित इलाज व देखभाल मिल जाएगी और उसकी जान बच जाएगी, ऐसे पशु प्रेमी धोखे का शिकार हो रहे हैं! पशु चिकित्सालय की वास्तविकता यह है कि जहां पशुओं को रखा जाता है वहां साफ सफाई न होने के कारण इतनी मक्खी और उनसे उत्पन्न कीड़े पशुओं को चुगना शुरू कर देते हैं और पशु मौत के मुंह में समाता जाता है ! और ना तो पशु इलाज फाइल, प्रिसक्रिप्शन डाटा कुछ नहीं रखा जाता है, ड्रेसिंग,दवा,आहार,पानी देने वाला सुनिश्चित भी नहीं है, जिसके अभाव में गोवंश पशु दम तोड़ देते हैं ! यह सब देखते ही देखते दो दिनों मे दि:26/7/24 एक गाय व 27/7/24 में एक बैल की मृत्यु हो गई है, इसके पूर्व भी कई गोवंश पशु हमारी प्रत्यक्ष जानकारी मे घौर लापरवाही के कारण मृत हो चुके हैं ! आज भी दो गोवंश पशु जीवित है जिसमें एक की हालत यह है कि वह मक्खी व उनसे उत्पन्न कीड़ों से व उचित इलाज के अभाव से मरणासन स्थिति में है, जिसे बचाया जा सकता है ! अतः तत्काल जिला पशु चिकित्सालय कर्मचारियों/अधिकारियों के विरुद्ध दंडात्मक कार्यवाही सुनिश्चित कराई जाने की मांग की है ! जिससे पशुओं व गोवंश के प्राणो की रक्षा सुलभ हो सके!
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