गौ शाला बनी मौत की शाला, गौवंश के लिए नरक में तब्दील हो गई,बरहेटा ग्राम पंचायत की कारगुजारी
HR Times News नरसिंहपुर - जिला मुख्यालय से महज तकरीबन 18 किलोमीटर दूरी पर स्थित ग्राम पंचायत बरहेटा में गोपाल कृष्ण गौशाला मुख्यमंत्री गौ सेवा योजना अंतर्गत बीते कई वर्षों से संचालित की जा रही है, ज्ञातव्य हो कि उक्त योजना गोंवश को सुरक्षित रखने के लिए चलाई जा रही है । और शासन द्वारा करोड़ों की लागत से गौशाला बनवाकर तैयार कराई गई है । प्राप्त जानकारी अनुसार संचालन हेतु प्रतिमाह हजारों रुपए भी ग्राम पंचायत को शासन व्दारा दिया जाता है । बावजूद गोपाल कृष्ण गौशाला बरहेटा गोवंश के लिए नर्क में तब्दील हो चुकी है । गौशाला मे गायों की मृत्यु का तांडव देखने पर जनसाधारण की रूहू कांप जायेगी ! वैंसे तो कहा जाए तो गौशाला के लिए मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के व्दारा गौवंश को बचाने के लिए कई प्रकार की योजनाएं निकाली गई है । और नरसिंहपुर जिले की अनेक ग्राम पंचायतों में गौशाला का निर्माण भी कराया गया है । परंतु बात करे नरसिंहपुर जिले की गोटेगांव - विधानसभा में आने वाली ग्राम पंचायत बरेहटा की यह गौशाला में मौत का मंजर दिखाई दे रहा है ! गौशाला के अंदर गौवंश की हड्डियों का भरमार लगा हुआ है । और मृत मवेशियों को चील कउवे और कुत्ते नोच - नोच कर खा रहे हैं। और जिम्मेदारों ने मौन साध रखा है ।
इसका संचालन ग्राम पंचायत के सरपंच आरती/सुरेन्द्र पटेल और सचिव पावेल सराठे एंव सहायक सचिव राजकिशोर नामदेव व्दारा किया जा रहा है
बरहेटा ग्राम सरपंच/सचिव एंव सहसचिव की घोर लापरवाही और भ्रष्टाचारी, का ही परिणाम है यही कारण है कि गोपाल कृष्ण गौशाला की दुर्दशा हो गई है !
हम बता दें कि उक्त गौशाला मे समय-समय पर आसपास के क्षेत्रों से लावारिस पशुओं को पकड़कर ले जाया जाता है, विगत वर्ष में भी विपतपुरा (रोंसरा) मे लावारिस गायों की धरपड़कर गोपाल कृष्ण गौशाला बरहटा भेजा गया था ।वह भी मवेशी आज सुरक्षित नहीं होंगे । उक्त आशय की जानकारी प्राप्त होने के बाद अनुसूचित जाति/जनजाति संगठनों का अखिल भारतीय परिसंघ जिलाध्यक्ष एन के नरवरिया एवं मध्य-प्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ जिलाध्यक्ष हेमराज विश्वकर्मा ने जिला प्रशासन से सरपंच,सचिव,सहसचिव के ऊपर तत्काल दंडात्मक कार्यवाही कर प्रभाव से हटाने की मांग की है !
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