54%पिछड़ावर्ग मतदाताओं को भाजपा कर रही अनदेखी,कार्यकर्ता भी अप्रसन्न,
नरसिंहपुर चुनाव आते ही पिछड़े वर्ग को लेकर जिलेभर में चर्चाओं का दौर अर्श पर है पिछली बार भाजपा जिला अध्यक्ष अभिलाष मिश्रा के नेतृत्व में चारों विधानसभा में प्रत्याशी उतारे गए थे परंतु तीन विधायक प्रत्याशी परास्त हो गए। और जिले की चारों विधानसभा में से तीन विधायक कांग्रेस के पाले में गए, बमुश्किल एक विधायक भाजपा पाई । इस बार पुनः जन चर्चा है कि जिलेभर में जिला अध्यक्ष अभिलाष मिश्रा के भरोसे चारों विधानसभा में प्रत्याशियों को उतरा जा रहा है लेकिन जमीनी हकीकत से रूबरू हो तो कोई नहीं भाजपा जिलेभर में अत्यधिक कमजोर है संगठन की आपसी कलह और जद्दोजहद में ऐसा ना हो कि चारों खाने कांग्रेस के पाले में चलें जाए ? और ऐसा संगठन के जमीनी कार्यकर्ताओं व समर्थकों में भी संशय बना हुआ है।
भाजपा की डूबती नाव से दिग्गज कूद कूद जा रहे कांग्रेस
भाजपा संगठन द्वारा पिछड़े वर्ग के लोगों को महत्व न देना, जिलेभर में अभिशाप साबित हो सकता हैं। सूत्रों की माने तो इस बार ना संगठन बचेगा, और ना सत्ता, ऐसा संशय भाजपा समर्थक व कार्यकर्ताओं में बना हुआ है । हम बता दें कि जिलेभर में पिछड़े वर्ग की निवासरत आबाम 54% है और यह बात नकारी नहीं जा सकती कि अधिकाधिक आबादी पिछड़ा वर्ग की है । जो भाजपा की जीत में आधार स्तंभ है (कोरवोटर है) बहरहाल गाडरवारा में एक ऐसी घटना हुई जिससे भाजपा को चुनाव में भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है । पूर्व विधायक के बेटे भाजपा नेता गौतम पटेल को टिकट न देना और अपमानित करना या उक्त व्यक्ति का पिछड़ा वर्ग का होना शोध का विषय है। विशेषयज्ञो की माने तो लंबे समय से जिला भाजपा संगठन में बढ़ते ब्राह्मणवाद की चर्चाएं जोरों पर हैं यह कारण भी है कि भाजपा के जमीनी कार्यकर्ता और दिग्गज नेता सहित भाजपा पार्टी का साथ छोड़कर कूद कूदकर कांग्रेसी हो रहे हैं । ऐसी घटनाएं होती रही तो चारों विधानसभा में कांग्रेस अपना आधिपत्य बना ही लेंगी । और जिलेभर के भाजपा समर्थकों व कार्यकर्ताओं में लगातार संशय बना हुआ है कि नरसिंहपुर,गोटेगांव,तेंदूखेड़ा,गाडरवारा में पिछड़े वर्ग की संख्या अधिकाधिक हैं जैसे साहू,श्रीवास्तव,यादव,गुर्जर,कुर्मी,कुशवाहा,नाई,प्रजापति,नामदेव, विश्वकर्मा,सोनी,किरार,माझी,केवट, मल्लाह,जाट, कौरव सहित इत्यादि समाज जिले में है ।
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