कमलनाथ की सभा अपेक्षाकृत कमजोर,मंच पर रही गुटबाजी,नहीं मिला जमीनी कार्यकर्ताओं व वरिष्ठ कांग्रेसियों को सम्मान

नरसिंहपुर म. प्र. कमलनाथ की आमसभा अपेक्षाकृत कमजोर रही इस अभिनंदन को गोरे फिक्र किया जाए तो स्पष्ट प्रतीत होता है कि वर्तमान समय कांग्रेश जिले भर में धराशाही हो चुकी है एक तरफ फोकट लाल नेता कहते हैं कि मैं पार्टी में कुछ भी नहीं हूं और मंच पर सर्वप्रथम पहुंचकर विराजमान होते हैं कहीं अपना गुस्सा आम जनों पर निकालते हैं तो कहीं कांग्रेश पार्टी को ज्वाइन करने आए लोगों को दुत्कार देते हैं निजी स्वार्थ सिद्ध ना होने के कारण इनकी कुंठा लाजिमी है। लेकिन कांग्रेस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष को स्मरण होना चाहिए कि संगठन किसी एक के आश्रित ना रहे, यदि धनपिपासु ही संगठन में अपने अखंड पैर अंगद की तरह जमाए रहेंगे तो निश्चित है कि कांग्रेस में कार्यकर्ता का रह पाना मुश्किल होगा, ऐसा आए दिन देखा जा रहा है जो जमीनी कार्यकर्ता है उन्हें पूंजीपति नेता तवज्जो नहीं देत है । जिसका खामियाजा कांग्रेस पार्टी के प्रत्याशी लाखन सिंह पटेल ने पूर्व में भुगता है । इसके बावजूद भी जिला कांग्रेस में कोई सुधार आज तक नहीं देखा जा रहा है। चेहरे तो बदल गए लेकिन समस्याएं जस की तस बनी आज तक है ।
 मंच पर देखी गई गुटबाजी

 जिले की मुख्य विधानसभा नरसिंहपुर में आए समझौता एक्सप्रेस चलती है प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ जी के रहते मंच पर गुटबाजीयों का ताता लगा लगा रहा,मिली जानकारी अनुसार कमलनाथ जी के कदम से कदम मिलाकर चलने वाले वरिष्ठ कांग्रेसी नेता रामेश्वर नीखरा को मंच संचालन कर रहे लोग बार-बार नजर अंदाज करते रहे तत्पश्चात तेंदूखेड़ा विधायक ने वरिष्ठ बुजुर्ग श्री नीखरा जी को याद किया और उनको सम्मान दीया यह पहला वाक्या नहीं है, लेकिन मंच संचालन कर रहे एवं संगठन के लोग हमेशा नजरअंदाज करते रहते है।
जनपद अध्यक्ष छूमंतर

गुटबाजी व गठबंधन जमीन के सौ गज नीचे से निकालकर जिंदा कर कांग्रेस समर्थक शैलेंद्र राजपूत जनपद सदस्य चुनाव भारी मतों से जीतने के बाद सत्तारुढ पार्टी को मात देकर आज जनपद अध्यक्ष बनकर बैठे हैं। इनके चुनाव मैं किस नेता ने साथ दिया कि नहीं यह भी शोध का विषय है । और पड़ोस में आए कमलनाथ के सभागार में इनको क्या तवज्जो मिला इनसे बुझो तो जाने साहब । अब जे चुनाव लड़े खुद की दम पर लड़े बाकी तो सब उसे हराने में लग जाएंगे, यही कारण है कि जिला कांग्रेस जमीन के सो गज नीचे पहुंच चुकी है । पूर्व जिलाध्यक्ष मैथिली शरण तिवारी के कार्यकाल में जिले में तीन विधायक विजय हुए थे ।
सूत्र बताते हैं कि  गुटबाजी तो पहले भी थी लेकिन अब कई गुना बढ़ गई है जमीनी कार्यकर्ताओं को ताक पर रखकर उनसे मुंह फेर लिया जा रहा है। और अपने मनपसंद लोगों को मुख्य पदों पर बिठा दिया जाता है । ऐसी स्थिति में वह कांग्रेसी तो न्यूटल हो चुके हैं। 

समझौता एक्सप्रेस  चल रही जिलेभर में हाई स्पीड

 गत दिवस कांग्रेस कार्यालय में प्रेस वार्ता के दौरान पत्रकार अमर नोरिया द्वारा जब प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ जी से सवाल किया तो गोटेगांव विधायक एकदम बोखला गए और धीरे से अपनी कुंठा निकालते हुए चल दिए । लेकिन पत्रकारों का सही जवाब विधायक नहीं दे पाए और मुद्दे को दूसरी ओर मोड़ दिया । समझौता एक्सप्रेस जो जिले में चल रही है जिले की आवाम उस पर बैठने तैयार नहीं है । ऐसी स्थिति में जो ट्रेन सत्तारूट पर है वही जिले की आवाम को सराह रही है। चहूँ और इतनी हादसे इतने खनन हो रहे हैं लेकिन विपक्ष गायब रहा, चुनाव आते ही सक्रियता दिखाना शुरू कर दिया अपने निजी स्वार्थों के चलते समझौता एक्सप्रेस भाजपा और कांग्रेस जिले में हाईस्पीड पर है ।

Post a Comment

0 Comments