काला हिरण शिकार के मामले मे, सत्ताधारी नेता के दबाव में किया झूठे नाम दर्ज करेली पुलिस
संपादक हेमराज विश्वकर्मा
HR Times Newsनरसिंहपुर :- बीते दिनों करेली पुलिस को मुखबिर द्वारा सूचना प्राप्त अनुसार सागर की ओर से नरसिंहपुर की ओर चार पहिया वाहन में वन्य प्राणी का शिकार कर कुछ लोग जा रहे हैं, जिसकी घेराबंदी करते हुए करेली पुलिस ने चार पहिया वाहन को रोका, और मुखबिर की सूचना पाते ही उस वाहन में मादा हिरण का मृत शव मिला, वही पुलिस के अनुसार बताया गया कि कुछ आरोपी भागने में सफल हुए और एक आरोपी को पकड़ने में पुलिस को सफलता प्राप्त हुई लेकिन हम बता दें कि यह वही पुलिस है जो जमीन के 100 गज नीचे भी अपराधी चला जाए तो उसे पकड़ निकालती है लेकिन यहां भागने में सफल हो गए और एक को पकड़कर सफलता प्राप्त बताई जा रही है विचारणीय विषय है ऐसी स्थिति में पुलिस के ऊपर से आम जनों का विश्वास कमजोर होता है एवं देखा गया कि वहीं इस कार्रवाई से पूरे क्षेत्र में आश्चर्य का माहौल बना हुआ था कि किस तरह पुलिस ने काले हिरण के शिकारियों को पकड़ा था । लेकिन मामले में ट्विस्ट तब आया जब कांग्रेस नेता लाखन सिंह पटेल ने आज नरसिंहपुर पुलिस अधीक्षक कार्यालय में एक आवेदन प्रस्तुत किया जिसमें बताया गया कि पुलिस की यह कार्रवाई सोची समझी कार्यवाही है, मनगढ़ंत कहानी के आधार पर इस कार्रवाई को अंजाम दिया गया है जो गलत है । क्योंकि जो फरार आरोपी धनीराम पटेल मालीवाडा को पुलिस आरोपी बता रही है वह व्यक्ति उस वक्त जबलपुर में था उस वक्त के सीसीटीवी फुटेज और जिन दुकानों पर खरीदी की गई है । उनके बिल बगैरा धनीराम के पास मौजूद हैं ।
इनका कहना
पुलिस प्रशासन लगातार सत्ताधारी नेताओं के दबाव में आकर मालीवाडा निवासी ऋषिराज पटेल, धनीराम पटेल और उनके भाइयों पर झूठे मुकदमे दर्ज कर रही है। क्योंकि वो कहीं ना कहीं मेरे रिश्तेदार हैं ।और मैं कांग्रेसी नेता हूं । देवष से भावना के कारण उनके ऊपर लगातार झूठे मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं, पूर्व में भी इनके ऊपर जो झूठे मुकदमे दर्ज किए गए, उन कई मामलों में खात्मा हो चुका है, जो कि पुलिस के लिए झूठे मामले दर्ज करना निंदनीय है । उन्होंने यह भी बताया कि पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर निष्पक्ष जांच होने उपरांत मामला खत्म करने की बात कही ।
कांग्रेस नेता
लाखन सिंह पटेल
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