बरहेठा,बचई की खबर

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जुआ सट्टा और शराब अधिक होने से क्षेत्रभर की बर्बादी क्षेत्रीय जनता में रहा आक्रोश 


नरसिंहपुर  लगातार क्षेत्र भर में बढ़ रहे अपराध की मूल जड़ तक पहुंचा जाए तो क्षेत्र भर में जुआ सट्टा और शराब के कारण ही थाना मुगंवानी क्षेत्र में आए दिन झगड़े झांसे घरेलू कलह और यहां तक कि बचई में तो माफियाओं ने सोशल वर्कर तक को पीटने में कसर नहीं छोड़ी, इस तरह की घटनाएं देखने मिलती  हैं । यदि पुलिस प्रशासन अपराधियों और  माफियाओं पर शिकंजा कसे तो क्षेत्रीय आवाम को दो वक्त की रोटी सुकून से मिल सकेगी, ग्रामीणों का कहना है कि किसी का बच्चा, किसी का बाप, जो कमाता है, वह आए दिन कहीं शराब में तो, कहीं सट्टे में खोकर आता है, इस कारण से गरीब तबके को आर्थिक संकट से जूझना पड़ता है। गरीब व मध्यम वर्ग अपनी पीड़ा शराब और सट्टे के चक्कर में और बना लेता है । जिसका खामियाजा उनके परिवार जनों को भुगतना पड़ता है इनकी हाय उन जिम्मेदारों को लगती है  जो वर्तमान दौर में क्षेत्र भर के जिम्मेदार पदों पर विराजमान है । और देशभक्त कहलाते हैं ।


बरेहठा व बचई से मुगंवानी थानेदार तक यराना


थाना मुगंवानी अंतर्गत चल रहे सट्टे के कारोबार पर तो क्षेत्रीय आवाम यह तर्क देने लगी है कि अब तो थाना मंगवानी क्षेत्र में पुलिस धनपिपासु बन चुकी हैं । लगातार बचई बरेहटा जैसी ग्रामों से सूचनाएं मिल रही है कि पुलिस प्रशासन के ही नुमाइंदे इन सट्टा,शराब, माफियाओं से हफ्ता वसूली करने पहुंच रहे हैं। साहब के नाम पर भी जो राशि पहुंच रही है वह सम्मान है। तो शासन किस बात की सैलरी देता है विचारणीय विषय है ?
इतना ही नहीं ग्रामीणों ने अपने तर्क में यह भी बताया है कि पुलिस के द्वारा बनाए जाते है  केशो में अधिकतर केस गरीबों पर ही बनते हैं क्योंकि उल्टा सीधा पैसे कमाने वाले तो पैसे देकर पुलिस से अपना पल्ला झाड़ लेता है और पुलिस फर्जी तरीके से कमजोर पार्टी पर केस बना देती है इसलिए पुलिस को चाहिए कि अपनी शान शौकत बरकरार रखते हुए अपनी ड्यूटी को बखूबी निभानी चाहिए और शासन द्वारा दी जा रही सैलरी में ही संतुष्टि रखनी चाहिए तो यह सुकून हमेशा देता है ? और सूत्रों का कहना है कि जब देशभक्त और जन सेवा करने वाले ही पूर्णता: धनपिपासु बन जाएंगे तो गरीब और मध्यम वर्ग की आवाम लूटेगी ही । बरेहटा बचई सट्टा माफियाओं से मुगंवानी थाना का याराना इन दिनों माफियों की कृपा धन वर्षा से घराने में बदल रहा  है । और जो दे रहा है वही तो बता देता है । इतनी जन चर्चा होने के बावजूद भी मुंगवानी थाना प्रभारी की मौन साधना संपूर्ण स्टाफ पर प्रश्नचिन्ह लगाती है कि यदि पुलिस और माफियाओं का याराना नहीं है, तो इन पर प्रतिबंध क्यों नहीं लगता है । क्षेत्रीय आवाम पुलिस प्रशासन की कार्यवाही पर टकटकी लगाए देख रही है । कि कब बरेहटा,बचई के सट्टा माफियाओं पर कार्यवाही की जावेगी और थाना मुगंवानी पुलिस को सट्टा माफियो पर फतेह कब मिलेगी ।

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