मासूम व बुआ की बस से कुचलकर मौत,
बुआ भतीजे की एक ही घर से उठी अर्थी
करेली तहसील मुख्यालय करेली में शुक्रवार को नरसिंहपुर से सागर की ओर जा रही यात्री बस ने तीन साल के बालक सागर एवं उसकी बुआ 48 वर्षीय उमा विश्वकर्मा को कुचल दिया। हादसे में बालक की मौके पर ही मौत हो गई | जबकि बुआ ने अस्पताल मैं इलाज के दौरान दमतोड़ दिया।
उक्त हादसा घटनास्थल के पास लगे सीसीटीव्ही कैमरों में कैद हो गया। जिसमें बुआ-भतीजे को एक बस रौंदते हुए साफ नजर आ रही है। जानकारी के मुताबिक बुआ अपने भतीजे के साथ भतीजी को स्कूल बस में बैठाकर घर लौट रही थी तभी ओव्हरब्रिज के पास एक यात्री बस ने दोनों को कुचल दिया। हादसे के बाद चालक बस लेकर भाग निकला। सुआतला पुलिस ने बस को अपने कब्जे में किया
3 साल के मासूम समेत उसकी बुआ को निर्ममता से 'कुचलकर हमेशा के लिए मौत की नींद सुला दिया था। शुक्रवार सुबह करीब साढ़े 9 बजे के इस घटनाक्रम ने देखने सुनने वाले हर शख्स की आंखें नम कर दी। वहीं महेंद्र वार्ड में दोपहर 2 बजे जब एक ही घर से दो शवयात्रा निकली तो लोग नम आंखों से उन्हें विदाई देने साथ मुक्तिधाम तक चले । मासूम सागर के शव को उनके बड़े पिता का बेटा गोद में लिए चल रहा था तो साथ में परिजन परिचित स्व. श्रीमती उमाबाई विश्वकर्मा अर्थी को कांधा दिए चल रहे थे। मुक्तिधाम पहुंचने पर जहां मृतका की इकलौती बेटी नेहा ने शव को मुखाग्नि दी तो वहीं मासूम का शव दफनाया गया। मुखाग्नि देने वाली नेहा का इकलौता सहारा उसकी मां ही थी, जो कि पिता बाबूलाल की मौत के बाद से मां के साथ अपने मामा सतीश विश्वकर्मा के घर पर रह रही थी।
अनुत्तरित रहे मासूम के सवाल
सामने वे पहुंची ही थीं कि नरसिंहपुर से
सागर की ओर जा रही यात्री बस ने दोनों मासूम सागर की 7 वर्षीय बहन सोनम को जब परिजन समय से पहले स्कूल लेने पहुंचे तो वह अचानक कह उठी कि घटना की जानकारी लगते ही घटना इतनी जल्दी क्यों आए हो इसका जवाब किसी के पास नहीं था। इसके बाद जब सागर की शवयात्रा निकाली जा रही थी, तब भी वह लगातार रोते पूछती रही, मेरे भाई को कहां ले जा रहे हो वह कब आएगा, मैं किसके साथ खेलूंगी। मासूम बिटिया को बताने वाला कोई नहीं था कि अब उसका भाई भगवान के पास चला गया है, वह कभी लौटकर नहीं आएगा। रक्षाबंधन पर राखी बंधवाने भी नहीं। इनके माता-पिता सिर्फ रोते रहे, मुंह से शब्द भी नहीं निकल रहे थे
करेली शहर की महेंद्र वार्ड निवासी श्रीमती उमाबाई पति बाबूलाल विश्वकर्मा ( 48 ) अपने तीन वर्षीय भतीजे सागर पिता राकेश विश्वकमर के साथ भतीजी सोनम को स्कूल जाने टैक्सी तक छोड़ने जा रहीं थीं। टैक्सी में बिठाने के बाद लौटते वक्त ओवरब्रिज के पास स्थित एक दुकान पीछे से टक्कर मारकर कुचल दिया। इसके बाद बस चालक ने वाहन की गति तेज कर दी और भाग गया।
स्थल पर लोगों की भीड़ लग गई और गंभीर रूप से घायल मानकर इन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। जांच के दौरान चिकित्सक ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। घटना को अंजाम देकर भागी बस को सुआतला पुलिस ने जब्त कर लिया। हालांकि चालक फरार होने में कामयाब रहा। बस को करेली पुलिस अपनी हिरासत में ले रही है। पूरा
घटनाक्रम आसपास की दुकानों में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हुआ है।
इनका कहना है
करेली में महिला और एक बच्चे को रौंदने वाली बस एमपी 15 पीए 0621 को सुआतला पुलिस ने जब्त कर लिया गया था। चालक फरार हो गया था, उसे जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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