जनपद पंचायत द्वारा अलग-अलग ग्राम पंचायतों के बने नियम 15वें वित्त की राशि का हो रहा बंदरबांट
संपादक हेमराज विश्वकर्मा
HR Times News नरसिंहपुर :- जनपद पंचायत में विराजमान सीओ एसडीओ एवं उपयंत्री से पूर्व में ली गई जानकारी अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों की बसीकत (अवैध कॉलोनियों) में शासन की राशि का दुरुपयोग नहीं किया जा सकता है । ऐसा पूर्व में जनपद में पदस्थ अधिकारी कर्मचारियों द्वारा जानकारी ली गई थी, हम बता दें कि वर्तमान समय में कुछ ग्राम पंचायतों द्वारा 15 वें वित्त से खुलेआम निर्माण कार्य कराए जा रहे हैं, जो नियम विरुद्ध है, क्या शासन द्वारा नियमों का संशोधन कर दिया गया है। यदि शासन द्वारा नियमों का संशोधन नहीं किया गया तो ग्राम पंचायत रौसरा में उक्त निर्माण कार्य किस आधार पर कराए जा रहे हैं, पूर्व में दी गई जानकारी अनुसार यह अवैध कॉलोनीया है।
हो सकता है जनपद में पदस्थ अधिकारियों द्वारा ग्राम पंचायत रौसरा के लिए नियमों में संशोधन किया गया हो, तो ग्राम पंचायत नकटुआ अछूती क्यों है साहब ? जनपद पंचायत नरसिंहपुर में विराजमान अधिकारी कर्मचारियों द्वारा नियमों को ताक पर रखकर ग्राम पंचायत रौसरा में काम नहीं किए जा रहे क्या साहब ? तो शासन द्वारा जनहित में जारी नियमों को आम जनता के लिए खुले विकल्प की तरह सामने रखना चाहिए । जिससे जनपद व ग्राम पंचायतों में पदस्थ अधिकारी कर्मचारियों की धूमिल छवि में सुधार हो सके । वहीं एक तरफ ग्रामीणों का कहना है क्या ग्राम पंचायत रौसरा एवं नकटुआ या अन्य पंचायतों में अलग-अलग नियम जनपद द्वारा जारी किए गए हैं ? सूत्रों का कहना है कि भूस्वामी के हक की जमीनों पर शासकीय जमीनों के खसरा की नकल लगाकर निर्माण कार्य किए जा रहे हैं । यदि ग्राम पंचायतों द्वारा खसरा ट्रांसफर हुए होते तो यह ग्रामीण क्षेत्र की वसीयत को शासन प्रशासन के नुमाइंदे अवैध कॉलोनियों का नाम नहीं देते साहब ? जबकि सबसे अधिक अवैध कालोनियां ग्राम पंचायत रौसरा में ही है ।
15वें वित्त से हो रहे निर्माण कार्य ग्राम पंचायत रौसरा
ग्राम पंचायत स्वयं ही निर्माण एजेंसी बनकर रौसरा पंचायत में निर्माण कार्य खुलेआम करा रही है जैसे महाकाली दरबार की रोड जो तकरीबन 40 मीटर लंबी रोड का निर्माण कार्य किया गया है, जिस पर उक्त राशि 1लाख 18 हजार रुपए खर्च बताया गया है, उसी प्रकार खेड़ापति मंदिर के पीछे फोरलाइन से लगी गीता कोष्टि के मकान की ओर 1लाख 70 हजार की रोड बनाई गई हैं । इसी प्रकार बिपतपुरा में हक्कू अहिरवार वाली गली जो 3 लाख 80 हजार बताई गई, इसी तारतम्य में डॉक्टर सोनी निवास से रम्मू सेठ के खेत की ओर उक्त रोड की राशि 1लाख 34 हजार बताई गई, इतना ही नहीं रेलवे पंप हाउस वाली रोड बनाने की अनुमति पर 3 लाख 19 हजार बताई गई है, जो उक्त भूमि रेलवे की है। इस तरह 15 वें वित्त की राशि को बंदरबांट किया जा रहा है । यदि इतने बड़े निर्माण कार्य पर जनपद पंचायत में पदस्थ अधिकारियों को ज्ञात नहीं है। तो इससे बड़ा दुर्भाग्य क्या होगा ?
चंदन नगर में बनी खंती निर्माण कार्य से हैं अछूती स्थानीय बाशिंदे परेशान
इसी प्रकार से अवैध कॉलोनियों में निर्माण कार्य किए जा रहे हैं तो चंदन नगर कॉलोनी में जो खंती बनी हुई है। वहां भी उक्त रोड का निर्माण कार्य होना चाहिए । जनहित में निर्माण कार्य होना आम जनता के लिए अच्छा ही है । तो जनपद में पदस्थ अधिकारी कर्मचारियों से ग्राम पंचायत नकटुआ में निवासरत हेमराज विश्वकर्मा का आग्रह है कि वार्ड क्रमांक 7 की चल रही सीएम हेल्पलाइन शिकायत का निराकरण कर उक्त रोड नाली का निर्माण कार्य कराकर स्थानीय बाशिंदों को उक्त समस्या से निजात दिलाई जावे ।
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