4 वर्षों से अधिकारियों के भरोसे, मंडी प्रभार, याचिका लेकर हाईकोर्ट पहुंचा नागरिक उपभोक्ता मंच
जनहित याचिका दायरकर,हाईकोर्ट से की प्रदेश में,शीघ्र मंडी चुनाव की मांग
HR Times News नरसिंहपुर :- किसानों को उपज का उचित दाम दिलाने व शासन की किसान हितैषी योजनाओं का लाभ मिल सके, इसके लिए सरकार द्वारा प्रदेश में मंडी समितियों की व्यवस्था बनाई गई है। लेकिन मंडी की इन समितियों का 5 साल का कार्यकाल समाप्त हुए पांच साल से अधिक का समय हो चुका है, लेकिन अब तक इनके निर्वाचन की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई। इस पांच साल में एक साल तो इसका कार्यकाल बढ़ा दिया गया। बाद में 6 साल पूरे होने पर इसका भार प्रशासनिक अधिकारियों के जिम्मे हो गया। जिसे अब 4 साल हो गए है। अब तक निर्वाचन संबंधी कोई हलचल नहीं है। जानकारी के अनुसार प्रदेश में 2012 में मंडी चुनाव हुए थे इस हिसाब से देखा जाए तो पांच साल बाद 2017 में चुनाव होने थे। इसमें मंडी समिति का कार्यकाल 6-6 माह की अवधि के लिए दो बार बढ़ा दिया गया था। कार्यकाल के एक साल बढ़ने के बाद 2018 में मंडी चुनाव होने के कयास लगाए जा रहे थे। वहीं मंडी का कार्यभार जब तक चुनाव नहीं होते है तब तक प्रशासनिक अधिकारियों के पास आ गया। अब मंडी चुनाव कराने की मांग को लेकर नागरिक उपभोक्ता मंच लामबंद हो गया है। मंच ने मंडी चुनाव कराने की मांग को लेकर करीब दो माह पहले माननीय राज्यपाल, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, आयुक्त चुनाव आयोग, मुख्य सचिव मध्यप्रदेश शासन को ज्ञापन दिया था जिसमे प्रदेश में शीघ्र कृषि उपज मंडियों के चुनाव कराने की मांग की गई थी लेकिन सरकार ने दो माह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी कोई अधिसूचना जारी नही की जिससे क्षुब्ध होकर नागरिक उपभोक्ता मंच के मनीष शर्मा, पवन कौरव, राजेश वर्मा, अभिषेक मेहरा, सज्जाद अली, विजय आहूजा, ने उच्च न्यायालय जबलपुर में जनहित याचिका दायर कर हाईकोर्ट से मांग की है कि प्रदेश में शीघ्र मंडी चुनाव कराए जाएं । कयास लगाए जा रहे हैं कि उच्च न्यायालय जबलपुर जल्द इस पूरे मामले पर सुनवाई करेगा । इस पूरे मामले की पैरवी याचिकाकर्ताओं की ओर से एडवोकेट दिनेश उपाध्याय करेंगे ।
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