,जिले में फसल सर्वे कर मुआवजा देने की मांग सालीचौका
बेमौसम बारिश, तबाह हुए किसान, मुख्यमंत्री से की मांग
संवाददाता विमलेश श्रीवास की रिपोर्ट
HR Times News नरसिंहपुर सालीचौका:-सालीचौका क्षेत्र मैं लगातार बेमौसम अत्यधिक बारिश से हुयी फसल की बर्बादी और किसानो की तबाही की ओर मप्र के किसानो ने मुख्यमंत्री का ध्यान आकर्षित कराते हुए लिखी हुई चिट्ठी में अखिल भारतीय किसान सभा से संबंधित मप्र किसान सभा के अध्यक्ष बादल सरोज महासचिव अखिलेश यादव, कार्यकारी अध्यक्ष अशोक तिवारी ने नरसिंहपुर और उसके आसपास के जिलों में किसानों की उड़द, मूंग, सोयाबीन, मक्का की फसलें नष्ट हो गई हैं, अगले 10 दिन तक बारिश होती है तो धान के बहुत बड़े रकबे का नुकसान होगा तथा गवालियर चंबल संभागों में खरीफ की फसल बाजरा, तिल्ली की कटाई शुरू होते ही सितंबर के अंतिम पखवाड़े में 5 - 7 दिन तक लगातार बारिश हुयी बारिश से बाजरा और बाजरा की करब ( पेड़ी ) जो चारे के काम आती है, वह सड़ जाने तथा जो बाजरे की फसल कट नहीं पाई उसकी बालियां बारिश से काली पड़ जाने का जिक्र किया है और कहा है कि उसकी सरकारी खरीदी ना हो पाने से, यहां तक पंजीयन भी नहीं होने से मंडियों में ₹14 सौ से ₹15 सौ रुपए प्रति क्विंटल बाजरा की फसल की खरीदी हो पा रही है। जबकि समर्थन मूल्य ₹2350 प्रति क्विंटल है।
किसान सभा ने कहा है कि तिल्ली की भी ज्यादातर फसल बारिश से नष्ट हो गई है। इतना ही नहीं अब दोबारा 7- 8 अक्टूबर से बारिश लगातार हो रही है। पूर्व में हुई बारिश से तथा वर्तमान में हो रही बारिश से, खासतौर से ग्वालियर - चंबल संभाग में किसान बुरी तरह से बर्बाद हुए हैं। अब लगातार बारिश से आगे रबी की फसल गेहूं, सरसों की बुवाई भी लेट हो रही है। इससे रबी की फसल पर भी नकारात्मक असर पड़ेगा। किसान पूरी तरह तबाह हो जाएंगे।
किसान नेताओं ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि खरीफ की फसलों में अतिवृष्टि से हुए बाजरा, तिल्ली आदि के नुक्सान का समग्र सर्वे कराया जाए. बाजरा, तिल्ली की फसल में हुए नुकसान का, गांव को इकाई मानकर, क्षति के अनुरूप मुआवजा दिया जाए, रबी की फसल का समर्थन मूल्य ( एमएसपी ) समग्र लागत से ड्योढ़ा, स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के अनुसार निर्धारित किया जाए, रबी फसल का पंजीयन गांव - गांव के स्तर पर शुरू कराया जाए तथा सम्पूर्ण रबी की फसल की सरकारी खरीदी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
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