यातायात व्यवस्था ढप,क्षेत्रीय आवाम हलाकान,सांकल तिराहा बना,धरना स्थल
राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ धरने पर कुठाराघात, सांकल तिराहे पर रोका धरने में जा रहे किसानों को, राहगीर परेशान
HR Times News नरसिंहपुर :- 12 सूत्रीय मांगों को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ के आवाहन पर नरसिंहपुर क्षेत्र के किसान साकल रोड तिराहे पर ही बैठ गए जबकि इन किसानों को जनपद ग्राउंड पर एकत्रित होना था । हम बता दें कि किसान धरना प्रदर्शन की अनुमति न मिलने से किसानों में पिछले 10 दिनों से रोष व्याप्त रहा बावजूद प्रशासन ने अनुमति नहीं दी, जिसका खामियाजा स्थानीय शहरी आवास आज भुगत रही है और यातायात व्यवस्था पहले से चरमराई हुई है । ऊपर से प्रशासन का राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ के धरना को बीच मार्ग में रोक लेना शहरी आवाम के लिए बड़ी ही परेशानी का सबब बन गया है !
किसानों द्वारा बताया जा रहा है कि राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ धरना जो कि जनपद मैदान पर जाना था, लेकिन बड़बोले नेताओं के दिशा व निर्देशन में प्रशासन ने उक्त धरने में जा रहे लोगों को बीच मार्ग में ही रोक दिया है । जो कि तकरीबन दिन के 12:00 बजे से देर रात्रि तक सांकल तिराहे से अष्टांग चिकित्सालय तक रोड बंद रहा है और अभी भी बन्द है । इतना ही नहीं सांकल रोड से सुनका चौराहे तक यह मुसीबत राहगीर झेल रहे हैं । हैरानी की बात यह है कि बीच की रोड पर सीवरेज लाइन के चलते पहले से ही शहरी आवाम यातायात के चलते हलाकान है। मजबूरन राहगीर यहां वहां से जाने को मजबूर है ! और जिला प्रशासन मूकदर्शक होकर तमाशबीन बना हुआ है । सूत्रों का कहना है कि जिला प्रशासन नेताओं के चंगुल में इस कदर फंसा हुआ है कि वह सही और गलत में फर्क करना छोड़कर नेताओं की नौकरी चाकरी में लगे हैं। किसान धरने को बीच शहर रोककर पूरे शहर का यातायात बाधित कर दिया गया और प्रशासन के अधिकारी नेताओं की गुडबिल में शामिल हो गए । अब पब्लिक करे तो क्या करें ? वहीं उक्त विषय में दैनिक जयलोक अखबार के जिला ब्यूरो प्रमुख हेमराज विश्वकर्मा ने जब अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति संगठनों का अखिल भारतीय परिसंघ जिला अध्यक्ष एन के नरवरिया से वार्ता की तो उन्होंने प्रशासन के रवैया पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि धरने का जब एक उचित स्थान तय था तो प्रशासन को शहर में अव्यवस्था फैलाने की क्या आवश्यकता थी, प्रशासन अपनी जवाबदारी भूलकर नगर में अव्यवस्था फैलएगा तो नगरवासी किसके भरोसे रहेंगे, यह प्रशासन की बड़ी भूल है ऐसी स्थिति में प्रशासनिक अमले की छवि धूमिल होती है और पब्लिक का विश्वास प्रशासन पर से उठाता है! धरने में आए किसानों ने बताया कि हम सभी किसानो को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है रात्रि तकरीबन 8:00 बजे धरने में आए एक किसान चुरामन पटेल ठेमी निवासी जिनके ह्रदय मे अचानक असहनीय दर्द उठा जिन्हें तत्कालिक स्थिति में जिला अस्पताल भेजा गया, प्रशासन की हठधर्मिता के कारण किसान परेशान हैं ! वहीं पर कुछ जिम्मेदार किसान कह रहे हैं कि यदि जनता को कोई परेशानी बनती है तो प्रशासन जिम्मेदार होगा ।
धरना स्थल, सांकल त्राहि, बीच सड़क पर बन रहे भरता बाटी
धरना स्थल पर राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ में आए सभी किसान साथियों के लिए बीच सड़क पर भरता भाटी बन रहे है भरता वाटी बनते बनते समय चर्चा के दौरान किसान साथियों ने बताया कि यदि शासन प्रशासन का सकारात्मक रवैया नहीं रहा तो हम सभी सड़कों पर ही कई दिन तक धरना देने मजबूर होंगे, हम सभी खाने पीने का सामान लेकर आए हैं, वहीं दूसरी ओर धरना स्थल में आए किसान प्रशासन को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं ।
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