एसडीएम राजेश शाह द्वारा जांच जिला शिक्षा अधिकारी जे एस विल्सन को कारण बताओ नोटिस जारी
प्रधान संपादक हेमराज विश्वकर्मा
संवाददाता देवराज की रिपोर्ट
HR TIMES NEWS नरसिंहपुर:- जनसुनवाई व अन्य माध्यमों से तत्कालीन प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी श्रीमती जेएस विलसन द्वारा की गई वित्तीय व प्रशासनिक अनियमितताओं की लगातार गंभीर शिकायतें मिलने पर इनकी जांच के लिए कलेक्टर रोहित सिंह, ने एसडीएम राजेश शाह को अधिकृत किया था।
एसडीएम शाह के जांच प्रतिवेदन पर कलेक्टर रोहित सिंह ने श्रीमती विलसन को कारण बताओ नोटिस जारी किया और नोटिस का जबाव 3 दिन के भीतर प्रस्तुत करने के निर्देश दिये एवं निर्धारित समयावधि में जबाव प्रस्तुत ना करने की दशा में श्रीमती विलसन के विरूद्ध एक पक्षीय कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
कारण बताओ नोटिस के मुताबिक तत्कालीन प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी के कृत्य, वित्तीय एवं प्रशासनिक अनियमितताओं,एवं पद के दुरूपयोग करने, पदीय कर्त्तव्यों के प्रति लापरवाही,और उसीनता एवं स्वेच्छाचारिता के द्योतक हैं । यह मध्यप्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के प्रावधानों के प्रतिकूल है।
अत: क्यों न श्रीमती विलसन के विरूद्ध मप्र सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1965 के प्रावधानों के तहत निलंबन एवं यथोचित अनुशासनात्मक कार्रवाई का प्रस्ताव सक्षम अधिकारी को प्रेषित किया जाये।
एसडीएम जांच प्रतिवेदन के मुताबिक श्रीमती विलसन द्वारा वरिष्ठ अधिकारी के अनुमोदन के बगैर विकासखंड शिक्षा अधिकारी करेली के रिक्त पद पर प्राचार्य शा.उ.मा.वि. समनापुर एन के शर्मा का नियुक्ति आदेश स्वयं के हस्ताक्षर से जारी कर दिया और नियमों की अनदेखी कर विकासखंड कार्या. नर. के आहरण एवं संवितरण के अधिकार स्वयं के हस्ताक्षर से स्वयं के लिए बगैर सक्षम अधिकारी के अनुमोदन से जारी कर लिए । इन्होंने लगभग 92 शिक्षकों व कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किये और बगैर किसी आधार के निलंबित किया। इसके लिए सक्षम अधिकारी से अनुमोदन भी नहीं लिया। और इन शिक्षकों व कर्मचारियों को बगैर जांच एवं आरोप पत्र जारी कर एक माह के अंदर बहाल भी कर दिया।
बहाली में इन्होंने मनचाहे स्थानों पर किया पदस्थ
जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय द्वारा प्राथमिक शिक्षक हिरनपुर टोला मोहम्मद अकरम हनफी को वेतन संबंधी कार्यों में सहयोग कर सुनियोजित ढंग से षड़यंत्र रचकर लगभग 27 लाख रूपये की शासकीय राशि
के गबन में निलंबित किया गया।
बीईओ गोटेगांव के कार्या. में पदस्थ सहायक ग्रेड- 3 अतुल मिश्रा जो वेतन देयक का कार्य कर रहे थे, उनके विरूद्ध कोई कार्रवाई नहीं की गई।
जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा बगैर किसी वरिष्ठ अधिकारी के अनुमोदन के हनफी को विभागीय जांच में आंशिक रूप से दोषी पाये जाने के उपरांत एक वेतन वृद्धि संचयी प्रभाव से रोकी जाकर उनको बहाल किया गया। इस प्रकरण में हनफी द्वारा राशि जमा करना गबन को स्वीकार करना है। इस प्रकरण में श्री हनफी एवं संबंधित लिपिक के विरूद्ध एफआईआर दर्ज कराई जाना थी, जो नहीं कराई गई।
प्राथमिक शिक्षक इमलिया लोकेश बसेड़िया को निलंबित कर उन्हें ऊमरपानी प्राथमिक शाला में बहाल कर पदस्थ किया।
इस आदेश में पुन: संशोधन कर उन्हें प्राथमिक शाला कठौतिया में पदस्थ किया गया। कठौतिया में पदस्थ शिक्षिका श्रीमती पूनम ठाकुर को महगुवां चीचली में बहाल करने के बाद पदस्थ किया । और लोकेश बसेड़िया की पत्नी श्रीमती माया बसेड़िया को बालक प्राथमिक शाला से निलंबित कर उन्हें बहाल कर उनके पति के साथ प्राथमिक शाला कठौतिया में ही पदस्थ कर दिया।
श्रीमती विलसन द्वारा मुकेश गढ़ेवाल माध्यमिक शिक्षक हिनौतिया के विरूद्ध अनाधिकृत रूप से निलंबन की कार्रवाई की गई, जबकि इस संबंध में श्रीमती विलसन को अधिकार प्राप्त नहीं है
हम बता दें कि शिक्षा विभाग में आऊटसोर्स के माध्यम से कर्मचारियों की पूर्ति एमपी कॉन एजेंसी करती है परंतु प्राप्त जानकारी के अनुसार श्रीमती विलसन द्वारा 100 से अधिक कर्मचारी विभिन्न पदों पर भर्ती कराये गये। इस संबंध में जांच अधिकारी को संबंधित रिकार्ड भी उपलब्ध नहीं कराया।और स्वयं की सेवा पुस्तिका में वर्ष 2021 की वेतन वृद्धि की स्वीकृति स्वयं द्वारा दर्ज कराई गई। इस संबंध में सक्षम अधिकारी का वेतन वृद्धि स्वीकृति प्रमाण पत्र उपलब्ध नहीं पाया गया। श्रीमती विलसन द्वारा जिले की अशासकीय शालाओं की मान्यता एवं नवीनीकरण के प्रकरणों में आवश्यक शर्तें पूरी ना होने के बावजूद भी नवीन मान्यतायें दी गई। और उनके नवीनीकरण किये गये। श्रीमती विलसन 18 अगस्त से लगातार बगैर किसी पूर्व सूचना एवं सक्षम अधिकारी की अनुमति लिए मुख्यालय से अनुपस्थित हैं। श्रीमती विलसन को जिला प्रभारी शिक्षा अधिकारी के पद से हटाने एवं उनके विरूद्ध जांच कराने के बावजूद श्रीमती विलसन द्वारा कार्यालय की नस्तियां अनाधिकृत रूप से अपने निवास पर ले गई। किसी सक्षम अधिकारी से अवकाश स्वीकृत कराये बगैर श्रीमती विलसन जिला मुख्यालय से अनुपस्थित हैं। उन्होंने कलेक्टर कार्यालय के आदेश की अवहेलना करते हुए जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान नर. में उपस्थिति भी नहीं दी। लोक शिक्षण संचालनालय मध्यप्रदेश के आदेश द्वारा श्रीमती विलसन की पहले एक वेतन वृद्धि और इसके बाद दो वेतन वृद्धियां रोकी गई। इसके बावजूद उक्त आदेश को श्रीमती विलसन की सेवा पुस्तिका में दर्ज नहीं किया गया। और तीन लिपिक निलंबित कर दिया उक्त जांच में विभिन्न अनियमितताओं में संलिप्तता पाये जाने पर कलेक्टर ने विकासखंड शिक्षा अधि. कार्या.गोटेगांव में पदस्थ सहायक ग्रेड- 3 अतुल मिश्रा, जिला शिक्षा अधिकारी कार्या.के स्थापना लिपिक सहायक ग्रेड- 3 ललित किशोर कौरव और जिला शिक्षा अधिकारी कार्या.के लेखापाल राजेश नामदेव को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया है।
3 लिपिक निलंबित
31अगस्त 2022 अनुविभागीय दंडाधिकारी नरसिंहपुर द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी कार्या.के निरीक्षण के दौरान जांच प्रतिवेदन के अनुसार विभिन्न अनियमिततायें मिलने पर कलेक्टर ने स्कूल शिक्षा विभाग के तीन लिपिकों को भी निलंबित किया है। कलेक्टर ने विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्या. गोटेगांव में पदस्थ सहायक ग्रेड- 3 अतुल मिश्रा, जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के स्थापना लिपिक सहायक ग्रेड- 3 ललित किशोर कौरव और जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के लेखापाल राजेश नामदेव को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया है। निलंबित लिपिकों को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता रहेगी।
निलंबन आदेश मप्र सिविल सेवा नियम 1966 के प्रावधानों के तहत अनुविभागीय दंडाधिकारी द्वारा निष्पक्ष जांच गई और इन लिपिकों को निलंबित किया ।
निलंबन अवधि में अतुल मिश्रा का मुख्यालय जनपद पंचायत सांईखेड़ा,ललित किशोर कौरव का मुख्यालय तहसील कार्यालय गोटेगांव और राजेश नामदेव का मुख्यालय जनपद पंचायत कार्यालय चीचली नियत किया गया है अतुल मिश्रा के कार्यकाल के दौरान सुनियोजित ढंग से सांठगांठ कर 27 लाख रूपये की शासकीय का गबन हुआ था, जिसकी जांच जारी है।
जांच में बन रहे रोड़ा
ललित किशोर कौरव सक्षम अधिकारी की स्वीकृति के बिना कार्या. से अनुपस्थित हैं, इस कारण रिकार्ड प्राप्त ना होने से जांच प्रभावित हो रही है। और राजेश नामदेव द्वारा अशासकीय शालाओं की मान्यता एवं उनके नवीनीकरण के प्रकरणों में गड़बड़ी प्रथम दृष्टया प्रमाणित हुई है।
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