निर्माण कार्यों को लेकर, भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरी, ग्राम पंचायत खनवर, अनियमिताओं को लेकर ईमानदार अधिकारियों से न्याय कराने वचनबद्ध भारतीय मीडिया फाउंडेशन कोर कमेटी
प्रधान संपादक हेमराज विश्वकर्मा
स्थानीय संपादक बालमुकुंद तिवारी
HR Times News बलिया - उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के खनवर ग्राम पंचायत में चल रहे विभिन्न निर्माण कार्यों पर गंभीर अनियमितता और भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं। इन आरोपों की पुष्टि प्रारंभिक जांच में भी हुई है, जिसके बाद भारतीय मीडिया फाउंडेशन नेशनल (BMF) कोर कमेटी ने मामले को उच्च स्तरीय जांच के लिए आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है।
निर्माण कार्य में अनियमिताओं के चलते लगे गंभीर आरोप
खनवर ग्राम पंचायत में हुए निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर स्थानीय ग्रामीणों ने शिकायतें दर्ज कराई थीं। गुणवत्ता में कमी: ग्रामीणों की शिकायत के आधार पर, भारतीय मीडिया फाउंडेशन नेशनल कोर कमेटी की टीम ने स्थल पर जाकर निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया।
प्रारंभिक निष्कर्ष : जांच में पाया गया कि निर्माण कार्यों में मानकों का घोर उल्लंघन किया गया है और गुणवत्ता में स्पष्ट कमी है। यह सीधे तौर पर सरकारी धन के दुरुपयोग और भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है।
भारतीय मीडिया फाउंडेशन कोर कमेटी द्वारा जांच और आगे की कार्यवाही
बता दें कि ग्राम सभा के लोगों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए भारतीय मीडिया फाउंडेशन कोर कमेटी ने तत्काल प्रारंभिक जांच शुरू की । और जांच में अनियमितता की पुष्टि: प्रारंभिक जांच में ही ग्राम पंचायत के निर्माण कार्य में स्पष्ट तौर पर पाई गई है
आरटीआई के से सूचना की मांग :- संगठन इस मामले में गहन पारदर्शिता लाने के लिए सूचना का अधिकार (RTI) अधिनियम का उपयोग करेगा। RTI के माध्यम से निर्माण कार्य से संबंधित सभी सरकारी दस्तावेज, वित्तीय आवंटन, खर्च का विवरण और गुणवत्ता प्रमाण पत्रों की जानकारी मांगी जाएगी।
उच्च स्तरीय जांच की मांग: BMF कोर कमेटी ने इस पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच कराए जाने की मांग की है, ताकि दोषियों की पहचान कर उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
ग्राम प्रधान और अधिकारियों ने साधी चुप्पी
ज्ञातव्य हो कि ग्राम प्रधान और अधिकारियों की संदिग्ध चुप्पी
मामले की गंभीरता को देखते हुए, BMF टीम ने ग्राम प्रधान सहित विकास खंड के उच्च अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन सभी ने इस मामले में चुप्पी साध ली है।
वार्ता से इनकार: ग्राम प्रधान से लेकर विकासखंड अधिकारी (BDO) और उप जिलाधिकारी (SDM) तक से इस मामले पर स्पष्टीकरण लेने का प्रयास किया गया।
जवाबदेही का अभाव: लेकिन सभी संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने मामले में अपनी बात कहने से साफ इनकार कर दिया। यह चुप्पी आरोपों की सत्यता को और भी पुष्ट करती है और सरकारी जवाबदेही के अभाव को दर्शाती है।
4. BMF का संकल्प: दोषियों को दंडित कराना
भारतीय मीडिया फाउंडेशन नेशनल कोर कमेटी ने स्पष्ट किया है कि यह मामला केवल अनियमितता का नहीं, बल्कि जनता के पैसे के दुरुपयोग का है।
दोषियों के खिलाफ कार्रवाई: RTI के माध्यम से सभी साक्ष्य जुटाने और उच्च स्तरीय जांच पूरी होने के बाद, BMF कोर कमेटी दोषियों के खिलाफ कठोर दंडात्मक और कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगी।
पारदर्शिता सुनिश्चित करना: संगठन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि स्थानीय निकायों में पारदर्शिता और जवाबदेही स्थापित हो और भविष्य में कोई भी जनप्रतिनिधि या अधिकारी इस तरह के भ्रष्टाचार को अंजाम देने का साहस न करे।
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