अधिकारी और ठेकेदार की सांठगांठ,चौराखेडा से बेलखेड़ी निर्माण कार्य में खुलकर हो रहा भ्रष्टाचार, अधिकारी और नेता को देता हूं 50% कमिशन, ग्रामीण चिंतित
नरसिंहपुर ठेकेदार का हठीलापन दिनों-दिन सामने आने लगा है कारण यह है कि चौराखेड़ा से बेलखेड़ी तक हो रहे निर्माण कार्य में अधिकारी और ठेकेदार की सांठगांठ के चर्चे क्षेत्र भर में हो रहे है । क्यों ना ग्रामीणों के लिए चिंता का विषय होगा । उच्चाधिकारी वर्ग यदि इनकी सांठगांठ पर अपना ध्यान आकर्षित करें तो ठेकेदार के साथ मालवीय साहब की भी पोल सामने आ जाएगी ।
अधिकारी से ठेकेदार विनोद की मलीभगत
ग्रामीणों में चर्चा है कि ठेकेदार द्वारा हो रहे निर्माण कार्य में तीन से चार इंच सिर्फ पीली मिट्टी डालकर लेवल कर बस मिलाया गया है और दूसरी लेयर भी नहीं की गई । हालात यह हुए कि जैसे ही रोड पर डाली गई पीली मिट्टी पर पानी पड़ा तो जमीन की खेती हो रही मिट्टी पीली मिट्टी के ऊपर आ गई । इतना ही नहीं सही तरीके से पानी डालकर बेलन चलना चाहिए और नियमाअनुसार अधिकारी मालवीय जी जब साइड पर पहुंचे तो बाहर के बाहर ठेकेदार के साथ सांठगांठ कर अधिकारी रफ़ूचक्कर हो गए ।
ग्रामीणों मैं चर्चा है कि 50% कमिशन के चक्कर में अधिकारी नहीं उठा रहे शक्ति से कदम
ज्ञातव्य हो कि रुपया 10326340 एक करोड़ 3 लाख 26 हजार 340 रुपए का टेंडर है जिसकी लगभग लंबाई 3800 मीटर है। और उस रोड का बेस ही मजबूत नहीं रहेगा तो बरसात आते ही रोड ढह जाएगा, शासन द्वारा स्वीकृत राशि बंदरबांट करने में जब अधिकारी वर्ग ही समाहित होगा तो ग्रामीणों के लिए चिंता का विषय ही रहेगा, क्योंकि 50% कमीशन देना और उस बचे हुए 50% में काम का कर पाना बमुश्किल ही होगा ऐसे अधिकारी को तत्काल प्रभाव से हटकर जिले के बाहर फेंक देना चाहिए ।
बता दें कि नियम अनुसार रोड के लिए जो टेंडर में दर्ज है इस आधार पर बोर्ड का निर्माण होना चाहिए, पूर्व में दिनांक 10 फरवरी को एवं 3 मार्च को दैनिक जय लोक अखबार में खबरें प्रकाशित होने के बावजूद भी इनकी है हठधर्मिता चरम पर है । वही ग्रामीणों का कहना है कि शोल्डर सहित रोड की चौड़ाई जो सुनिश्चित है वह लेना चाहिए, लेकिन दोनों की सांठगांठ के चलते शासकीय राशि का दोहन होने में कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही है कलेक्टर को इस और अपना ध्यान आकर्षित करना चाहिए जिसमें ग्रामीण जन चिंता मुक्त हो सके । सूत्रों से प्राप्त जानकारी अनुसार एस डी ओ और इंजीनियर प्रशासनिक अधिकारी सिर्फ खाना पूर्ति करने ठेकेदार की साइड पर पहुंच रहे हैं । यही कारण है कि चौड़ाई 8.5 मीटर होनी चाहिए थी जो सभी ग्रामीणों को वर्तमान समय में दिख रही है यह गलत है ।
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