पुलिस अधीक्षक सहित अपराध नियंत्रण पर सभी थाना प्रभारी दें ध्यान, ताकि हो सके कंट्रोल


अपराध नियंत्रण करने में जिले की पुलिसिया तंत्र फेल, और माफिया बेखौफ, छू रहे बुलंदिया



संपादक हेमराज विश्वकर्मा
HR Times news नरसिंहपुर   जिला मुख्यालय में चर्चाएं होने लगी हैं कि एक समय था अपराध नियंत्रण पर थाना प्रभारी कंट्रोल करने वह पूरी जान लगाते थे, जिसका खामियाजा तक उन अधिकारियों को भुगतना पड़ा परंतु कुछ दिनों से देखा जा रहा है कि अपराध नियंत्रण पर नियंत्रण करने वाले ही ढीले पड़ जाएंगे तो अपराध बढ़ना तय होने की चर्चा दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है और अब तो शहर के चहुं और यह चर्चाएं सुनने मिल रही है ।


मुख्यालय से लगी ग्राम पंचायतो में हो रहा खुलकर सट्टे का करोबार

थाना स्टेशन अंतर्गत चल रहे सट्टे की कारोबार में प्रसिद्धी पाए ग्राम नकटुआ,रौसरा,दादा महाराज,  डागीढांना,भैंसा,सिंगपुर,जैसे अन्य कई ग्राम है जहां पर बेखौफ होकर इस कारोबार को खुलेआम अंजाम दिए जा रहे है और देर रात तक पियक्कड़ इनके ठिकानों के इर्द-गिर्द (मर्डराते) घूमते रहते हैं । चाहे नरसिंहपुर हो, गाडरवारा हो, करेली हो, गोटेगांव हो, तेंदूखेड़ा हो, हर जगह माफिया का ही बोलबाला देखा जा रहा है ऐसी जान चर्चाएं सभी दूर से सुनने मिल रही हैं



क्षेत्रीय अवाम को याद आने लगे थाना प्रभारी अमित कुमार दाणी
इन क्षेत्रों में जन चर्चा हो रही है कि अमित कुमार जी के कार्यकाल में माफिया इस तरह खौफ खाते थे कि जिस गली से उनके अधीनस्थ पुलिसकर्मी निकलते थे तो माफिया अपनी दिशाएं बदल देते थे परंतु इनके ट्रांसफर के बाद माफिया के जो हौसले बुलंद हुए वह आज बुलंदियां छू रहे हैं, और माफिया वर्ग अब जिम्मेदारों को आंखे तरेर रहे हैं, हालत यह बन गए हैं कि यदि माफिया वर्ग को पुलिस यदि रोके तो अब पुलिस की ही शिकायत करने की चर्चाएं सुनने मिलती है यह तो माफिया वर्ग के हौसले बुलंद ही हुए ना साहब ।

जहां देखो वहां अवैध शराब, स्मैक पाउडर और गांजे की मिल रही सूचनाएं
उपरोक्त ग्रामों में इस तरह असामाजिक तत्वों का जमावड़ा बढ़ता जा रहा है कि मानो पुलिस नाम का कोई खौफ ही नहीं है आए दिन सोशल मीडिया पर कहीं पोस्टे पढ़ने मिलती है तो कहीं वीडियो वायरल होती है लेकिन माफिया वर्ग पर कंट्रोल क्षेत्रीय जनता को नहीं दिख रहा है । आए दिन माफिया वर्ग अपने कारोबार को दिन-ब-दिन समाज में फहले अपराधों को बढ़ावा दे रहा है साथ ही सामाजिक बुराइयां भी चरम पर बढ़ती जा रही हैं पुलिस विभाग को चाहिए कि इस माफिया वर्ग पर शिकंजा कसते हुए उनके शहर में जिम्मेदार विभाग के लिए सम्मान तो नजर आए ।


जनता एवं पत्रकारों को होने लगी कमी महसूस


हम बता दें कि क्षेत्रीय जनता में एवं अधिकतर पत्रकारों में यह एहसास हो रहा है कि पूर्व में नरसिंहपुर पदस्थ थाना प्रभारी अमित कुमार दाणी की कमी का एहसास अब तेजी से बढ़ रहा है क्योंकि इनके कार्यकाल में माफिया वर्ग कभी ऊफान पर नहीं रहा लेकिन इनके तबादले के बाद दिनो दिन माफियो के कारोबार में इतनी तेजी आई और अब माफिया  फर्श से अर्श पर देखे जा रहे हैं ।  इनके कांरदे अपनी टीम को बढ़ाकर इस तरह क्षेत्र वाई क्षेत्र उत्पाद मचा रहे हैं कि "नजर हटी दुर्घटना घटी" की स्थिति बन चुकी है आए दिन बात विवाद लड़ाई झगड़ा माफिया वर्ग के लिए सहज हो गया है । और थाने में न्याय की उम्मीद से जिम्मेदार नागरिक और अवाम आते है तो उनको न्याय मिलने की उम्मीद नजर नहीं आती है।

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