एंबुलेंस कर्मचारी कमीशन के चक्कर में छोड़ रहे निजी अस्पताल
नरसिंहपुर//गोटेगांव
विगत कई माह से जानकारी मिल रही थी की मरीजों को 108 एंबुलेंस का स्टाफ अपनी गाड़ी में शिफ्ट करने के कुछ देर बाद ही प्राइवेट एंबुलेंस बालो को मरीज हैंडओवर कर देते हैं जिससे मरीज को निजी अस्पताल में भर्ती कर कमीशन के तौर पर मनमानी राशि वसूल की जा सके निजी अस्पताल निजी वाहन ब शासकीय 108 एम्बुलेंस बालो को मरीज पहुंचाने पर एक मोटी रकम कमीशन के तौर पर देते हैं जिसके लालच में मरीज को जबरजस्ती बहला फुसला कर 108 वाहन चालक निजी गाड़ी के अपना माध्यम बनाकर निजी अस्पताल छोड़ने का कार्य करते हैं जिससे अपनी कमाई में इजाफा किया जा सके। प्राप्त सूचना अनुसार 13 /6/24 को दोपहर 1 से 2 बजे की घटना जबलपुर रोड पर 2 गाडियां आपस में भिड़ गई जिसके चलते वहा मौजूद लोगो द्वारा 108 पर फोन किया गया गोटेगांव गाड़ी cg 04 ns 4594 108 में पदस्थ पायलट पियूष शुक्ला और ईएमटी धनपति सतारे द्वारा मरीज को 108 में बिठाकर प्राइवेट एम्बुलेंस के चालक से बात की ओर प्राइवेट गाड़ी में मरीज को बिठा कर प्राइवेट हॉस्पिटल भेज दिया और अपने अधिकारी डीएम को सूचना दे दी की हमने मरीज को प्राइवेट श्रीधाम हॉस्पिटल भेज दिए और उनके द्वारा जवाब आया की अच्छा किया वही बताया गया ऐसे मामले में इनके डीएम का हाथ भी रहता है ऐसा बताए जा रहा है और अधिकारी द्वारा इनसे बोला गया की आप सरकारी अस्पताल में गाड़ी शो कर दो 108 एम्बुलेंस चालको की चलती लापरवाही से गरीब घायल मरीज की जिंदगी से खिलवाड़ करते हुए मरीजों को सरकारी अस्पताल ना ले जाकर प्राइवेट अस्पताल भेजा जा रहा, और इनके अधिकारी द्वारा ऐसे चालको के कृत की सहारना दी जा रही की अपने मरीज को प्राइवेट अस्पताल भेज कर अच्छा काम किया एवं इनके ऊपर बैठे अधिकारियों को भी यह सब नही दिख रहा। लोग यहां तक कहते हैं कि यह अधिकारी घायल मरीजों को प्राइवेट हॉस्पिटल इसलिए भेजते हैं जिससे इन्हें कमीशन मिलता रहे। घायल गरीब मरीजों को झूठी दिलासा देकर बहला फुसलाकर की हम अपका फ्री में इलाज करा देगे ऐसा बोल कर मरीजों को प्राइवेट अस्पतालों में भेज रहे है।
जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा ऐसे एंबुलेंस चालकों के ऊपर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।
0 Comments