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गोटेगांव में जल संसाधन विभाग के करीब 16 जलाशय मौजूद है जो किसानों की फसल को सिंचाई के लिए पानी प्रदान करने के साथ गांव स्तर पर जल स्तर नीचे नहीं जाए इस मकसद से अवश्य निर्मित किए गए। मगर गर्मी के मौसम में अधिकांश जलाशय का पानी पूरी तरह से सूख जाता है। जल संसाधन विभाग के अनुसार वर्तमान समय में चिरचिटा बांध एवं नादिया के बांध में पानी बचा है। लेकिन अधिकांश जलाशय अधिकतर सूख गए हैं। वहीं कुछ जलाशय के खुदारों में पानी भरा हुआ है जो आगे चल कर पूरी तरह से सूख जाता है।
जल संसाधन विभाग का कहना है कि इस साल अच्छी बारिश नहीं होने के कारण पूरे जलाशय लबालब नहीं भर पाए हैं। जिसके कारण उनमें मौजूद पानी समय के पूर्व ही सूख गया है। ग्राम पंचायत बुढै़ना के आदिवासी बाहुल्य गांव बम्हनी में जो जलाशय मौजूद हैं उसके सिर्फ खुदारों मेें ही पानी बचा हुआ है। इसका पानी हर दिन कम होता जा रहा है जिन किसानों ने जलाशय की भूमि पर फसल लगाई है उसको पकाने में किसान पानी का उपयोग कर रहे है।नादिया गांव में मौजूद जलाशय का पानी भी बहुत घट जाने पर यहां पर भी जलाशय की भूमि पर कुछ लोगों ने कब्जा करके फसल लगा रखी हैं और उस जलाशय के पानी का अवैध तरीके से इस्तेमाल कर रहे हैं इस जलाशय की भूमि पर फसल लगाने के साथ पानी का उपयोग करने का कोई लाभ जल संसाधन विभाग को अर्जित नहीं होता है क्याेंकि यहां पर कब्जा करने वाले सत्ताधारी दल से जुडे़ होने के कारण विभाग के अधिकारी समुचित कदम उठाने से हिचक रहे है। अधिकांश जल संसाधन के जलाशयों की हालत गर्मी के मौसम में ऐसी हो जाती है कि उसमें गांव स्तर पर मौजूद पालतू मवेशियों की प्यास गर्मी में बुझाने के लिए पानी नहीं बचता है।
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