जुआ सट्टा शराब के शौक़ीन अनजाने में दे जाते हैं घटनाक्रम को अंजाम, बढ़ते हुए अपराध पर, पुलिस दें उन पर, "ध्यान व ज्ञान"

देशभक्त पुलिसिया टीम को तक पर रख, खुलेआम जुआ सट्टा शराब के कारोबारी, उड़ा रहे धज्जियां, पुलिस की छवि हो रही धूमिल
संपादक हेमराज विश्वकर्मा

HR Times News नरसिंहपुर।  वैसे तो जिले में अभियान के चलते पुलिस अधीक्षक अमित कुमार जी के नेतृत्व में एस्कॉर्ट छापामारी करने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है परंतु सूत्रों से प्राप्त जानकारी अनुसार माफिया वर्ग भी अपने कारोबार को बढ़ाने व फैलाने में किसी प्रकार से कमजोर नहीं दिखाई देते हैं इसी तारतंभ में लगातार प्राप्त हो रही जानकारियां यह है कि जहां पर राजनीती के क्षेत्र के बड़े-बड़े स्तंभ अपने पर अंगद की तरह जमा हुए हैं उन्हीं के क्षेत्र में जुआ, सट्टा और शराब माफिया इस तरह अपनी हठधर्मिता दिखाते हुए अपने कारोबार को दिन दूने रात चौगने, करते हुए अपनी शान शौकत दिखाने में कामयाब होते जा रहे हैं। और आए दिन अपराध बढ़ते जा रहे हैं वहीं मदनपुर एवं आसपास के क्षेत्र में जैसे बरकुंडा डोभी व अन्य ग्रामों में जुआरी अपने 52 पत्तों की कलाकारी पेश करने में कोई कसर नहीं छोड़ते हैं और पुलिस हाथ पैर हाथ धर उनकी राह देखी बताई जाती है । 
हालत यह है कि  जब शराब शौकीन और जुआ,सट्टा के शौकीन अपने जब की पूंजी समाप्त कर देते हैं तब उन्हें कोई रास्ता सामने नजर नहीं आता है । फिर वह कहीं चोरी जैसी वारदात को अंजाम देते हैं या फिर गिरोह बनाकर, दंगा फसादकर लूट को अंजाम देते हैं कहीं-कहीं तो सुनाई देता है कि अपराधियों के काम सिद्ध न होने पर मर्डर तक के मामले सुनाई आते हैं यदि इन आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों पर तगड़ा अंकुश लगा दिया जाए तो अपराधों में कमी देखने नजर आएगी फिलहाल सूत्रों से जानकारी मिली है कि तेंदूखेड़ा विधानसभा में राज्यश्री होटल (राय) पुराना बस स्टैंड पर सट्टे के कारोबार को अंजाम दिया जा रहा है और वहीं पर देवेंद्र सेन एक बड़े खाईबाज के रूप में नाम सामने आया है । ज्ञातव्य हो कि तेंदूखेड़ा विधानसभा क्षेत्र में गांव-गांव अवैध शराब के छोटे-छोटे कारोबारी भी बढ़ते जा रहे हैं वहीं यह भी कहा जा रहा है कि यह अवैध कारोबारी मां नर्मदा पट्टी पर भी कारोबार करते दिखाई देते हैं लेकिन कुछ पुलिसया टीम द्वारा इन आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों को बढ़ावा देने की शय  बताई जा रही है, जब अपराधी और पुलिसिया तंत्र एक होकर रहेगा तो कहां तक हमारे पुलिस कप्तान अपराध पर कंट्रोल कर सकेंगे ?  यह विचारणीय विषय है ?  इसलिए आवाम को भी इस ओर अपना ध्यान आकर्षित करना चाहिए एवं अपराध व नसे के कारोबार करने वालें कारोबारी से दूर रहने का प्रयास करना चाहिए । जिसमें शौकीनो के परिवारजन मानसिक प्रताड़ित न हो सके ।

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