अपराध मुक्तकर संभालने का किया जा रहा प्रयास, स्टाफ की कमी, क्षेत्रीय जनता के लिए बना आमगांव सेंटर, लेकिन अपराध मुक्त नहीं




अवैध कारोबारी का लग रहा अंबार, पुलिस बल कम,क्षेत्रीय आवाम परेशान, नहीं  लग रहा अंकुश, आमगांव चौकी
 
*प्रेम प्रीत के कारण ही रथ हाके भगवान, जिसके पास सोने की द्वारिका थी, उसको क्या आवश्यकता थी रथ हाकन की, परंतु सच्चा प्रेम देखकर अर्जुन के रथ का सारथी बनना भगवान ने स्वीकार किया, इसी तर्ज पर पुलिस और माफिया वर्ग का याराना क्षेत्रभर में दिन-दूना, रात-चौगुना फैल रहा है* ।

HR Times News नरसिंहपुर   :-  थाना करेली अंतर्गत आमगांव चौकी क्षेत्र में ग्रामों की संख्या तकरीबन 30 से ऊपर है जिसमें आमगांव चौकी द्वारा इन ग्रामों को अपराध मुक्तकर संभालने का प्रयास किया जा रहा है जिसमें पर्याप्त स्टाफ भी नहीं है इन ग्रामों को देखा जाए तो क्षेत्रीय जनता के लिए आमगांव सेंटर आमगांव माना जाता है लेकिन अपराध और सामाजिक बुराई को बढ़ाने वाले धंधे इस क्षेत्र में इस तरह धुआंधार बढ़ोतरी कर रहे हैं की क्षेत्र भर की आवाम इन कारोबारी से हलकान है बावजूद पुलिस विभाग को इस ओर अपना आकर्षित करते हुए आमगांव चौकी में स्टाफ की संख्या बढ़ानी चाहिए जिससे भय मुक्त क्षेत्र हो सके। परंतु देखा जा रहा है कि ना तो पुलिस स्टाफ पर्याप्त है और ना क्षेत्रभर में कंट्रोल करने का नाम लिया जा रहा है । इन ग्रामों में भ्रमण करने पर जानकारी प्राप्त हुई है, कि क्षेत्रीय आवाम सट्टे और जुआरी से परेशान है, और अपराध आए दिन बढ़ते रहे हैं बताया जा रहा है कि मोहद में तकरीबन 8 000 की आवाम रहती है, इसी तरह बघवार मैं 6000 की संख्या है खड़ई ग्राम में भी 6 000 लोग निवासरात हैं धमेटा में 7000 और नयाखेड़ा में 2000 बासादेही में 5 000 पिपरिया बरोदिया 5000 बमहोरी 3000 खमरिया 3000 कनवस 2000 भिंडवार 600 चिकसा 600 रामखेड़ी 1000 खैरी 1000 हतनापुर 800 सर्राटोला 1000 इमलिया 3000 बघौरा 2000 हृदयपुर 2000 खमरिया खेड़ा 1500 दिलहरी 1000 गुहारी 1000 बरखेड़ा 500 गोबरगांव 3000 करौंदा 500 सिमरिया कला 6 खुर्द 2000 खिरिया 1000 जोवा 2000 अमेठा 1500 इन  जैसे ग्रामों की आवाम जुआ सट्टा शराब में इतनी सनलिप्त है, कि उनके परिवार धराशाही की कगार पर हैं ।लेकिन सुनने वाले मुखदर्शक बन बैठे हैं और अपनी जेब दिन दूनी रात चौगुनी गरम कर रहे हैं । थाना क्षेत्र में यदि इन अपराधों पर अंकुश लगाने की अनुमति विभाग द्वारा दी जाए, तो क्या पुलिस तंत्र  इन कारोबारी पर अंकुश नहीं लग सकता, क्षेत्रीय अवाम का कहना है की क्षेत्र में जो अवैध कारोबार हो रहे हैं, उस पर पुलिस का ही तो हाथ अवैध कारोबारी पर होता है, जिसके कारण अवैध कारोबारी की हौसले दिनदूने रात चौगुने बुलंद होते जा रहे हैं । थाना और चौकियों में मुख्य धरा पर विराजमान अधिकारियों को यदि शक्तिशाली निर्देश दिए जाए तो क्या वह थाना-चौकियों में पदस्थ अधिकारी अपने ही उच्चाधिकारियों के आदेश का पालन नहीं करेंगे, क्षेत्रीय आवाम उच्चाधिकारियों के आदेश और अवैध कारोबारी के कारोबार पर अंकुश लगाने की टकटकी लगाए हुए हैं ?

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