स्कूली प्रबंधन की मिलीभगत कटवाए गए हरे भरे बड़े बड़े वृक्ष

आखिर किसकी शय व दलाली के कारण काट दिए बड़े-बड़े हरे भरे वृक्ष 
सालीचौका/गाडरवारा  :- एक तरफ सरकार कही वृक्षारोपण पर्यावरण दिवस मनाती है तो कहीं समाज से भी और राजनीतिक तंत्र वृक्षारोपण के नाम सरकार को लाखों की शपथ दे देते हैं प्राप्त जानकारी अनुसार खूब नाम सुना कि पेड़ लगाओ जीवन बचाओ लेकिन सालीचौका की लीला कुछ अलग ही निराली है। जैसे कि सभी जानते हैं इस समय पूरे भारतवर्ष में बारिश के सीजन में हर जगह वृक्ष लगाने की परंपरा तेज हो जाती है । और यही सत्य भी है वृक्ष रहेंगे तो जीवन रहेगा ।
लेकिन सालीचौका नगर परिषद अंतर्गत शासकीय उच्चतर माध्यमिक बालक शाला में वीते मंगलवार को हरे भरे वृक्षों को सरेआम कत्लेआम कर दिया गया है । देखा गया है कि यह पेड़ हाईस्कूल ग्राउंड में बीच केंद्र की गैलरी पर दोनों तरफ करीब 30 वर्षों पहले लगाए हुए थे। जो कि आज स्कूल की लापरवाही और शिक्षा विभाग की उदासीनता के चलते यह हरे भरे वृक्ष कटवा दिए गए आखिर इन पेड़ों से क्या किसी को कांटे चुभ रहे थे ? क्या आवश्यकता थी जो इन हरे भरे बड़े 20 फुट की ऊंचाई वाले नीलगिरी के शानदार बड़े वृक्ष को विभागीय अमले द्वारा कटवा दिए ।
विचारणीय विषय यह है कि किसी की मिलीभगत से इतने पेड़ कटे गए तो यह जांच का विषय है । और जांच  सही हो, संपूर्ण नगर के एवं पूर्व विद्यार्थीयों  में जिनके समय से यह वृक्ष 30 वर्ष पूर्व लगाए गए थे । आक्रोशित हैं । गौरतलब है कि शासकीय हाई स्कूलग्राउंड में पर्याप्त जगह थी।कहीं कोई जगह की कमी नहीं है स्कूल के पीछे आगे भी पर्याप्त जगह थी फिर इन पेड़ों को काटने का क्या रहस्य है।
अधिकारी लोग गहराई से जांच करते हुए कठोर कार्रवाई करें । जिसमें दूसरी हरे भरे वृक्षों को बहुत जल्दबाजी में काटकर और सस्ते दामों में दलाली करते हुए बैच दिया गया ।
बुधवार को आई जांच दल टीम ने माना है कि यह हरे भरे वृक्ष निजी स्वार्थ के चलते काट दिए गए । और सस्ते दामों में बेच दिए गए अब देखते हैं जिला प्रशासन व स्कूली विभाग पर क्या कार्रवाई कौन और क्या करता है । वहीं लोगों का कहना है कि यह वृक्ष सालों पुराने थे और इनको काटना गलत है लोग गुस्साए हुए हैं स्कूली प्रबंधन के किसी शिक्षक ने या प्राचार्य ने इन हरे भरे बड़े-बड़े वृक्षों को बेहरमी से कटवाए है । ऐसे स्कूल विभाग पर कार्रवाई होना चाहिए। या फिर उनकी तनखा काटते हुए शीघ्र दूसरे वृक्षों को लगाने के आदेश करना चाहिए।

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