17 सितंबर भगवान विश्वकर्मा जन्मोत्सव पर बड़े हर्ष उल्लास के साथ सभी ने मनाई जयंती निकाली रैली
HR Times News नरसिंहपुर :- जिला मुख्यालय में धूमधाम के साथ विश्वकर्मा जयंती मनाई गई। इस दौरान यहां पर सांकल तिराहा और तुलसी मानस भवन सदर पर भगवान विश्वकर्मा जी की पूजा अर्चना करने के साथ प्रसाद वितरण किया गया। और विश्वकर्मा चालीसा संकीर्तन का आयोजन किया गया। संकीर्तन सुनने भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी रही । एवं धूमधाम के साथ विभिन्न जगहों पर विश्वकर्मा जयंती मनाई गई । इस दौरान भगवान विश्वकर्मा की पूजा अर्चना की गई। हिंदू धर्म में विश्वकर्मा पूजा का विशेष महत्व होता है। हर साल 17 सितंबर को विश्वकर्मा जयंती मनाई जाती है। कहा जाता है कि इस दिन सृष्टि के रचयिता ब्रम्हा जी के सातवें पुत्र विश्वकर्मा भगवान का जन्म हुआ था। धार्मिक मान्यता है, कि भगवान विश्वकर्मा ऐसे देवता हैं, जो हर काल में सृजन के देवता माने जाते हैं। सृष्टि में जो भी चीजें सृजनात्मक हैं। जिनसे जीवन संचालित होता है। वह सब भगवान विश्कर्मा की देन है। यानी भगवान विश्वकर्मा ही दुनिया के पहले शिल्पकार थे।
ज्ञातव्य हो कि भगवान विश्वकर्मा को सृष्टि के प्रथम शिल्पकार के रूप में पूजा जाता है, शास्त्रों के अनुसार, ब्रह्मा जी के पुत्र भगवान विश्वकर्मा का जन्म 17 सितंबर को हुआ था. इन्हें स्वर्ग लोक, पुष्पक विमान, कुबेरपुरी जैसे सभी देवनगरी का रचनाकार कहा जाता है।इस विशेष दिन पर भगवान विश्वकर्मा की उपासना करने से व्यक्ति को कार्यक्षेत्र में आ रही परेशानियों से मुक्ति प्राप्त हो जाती है और आर्थिक उन्नति का आशीर्वाद प्राप्त भी होता है।विश्वकर्मा पूजा के दिन यंत्र और औजारों की पूजा की जाती है ।
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