17 गांव की डोर को सड़कों के माध्यम से बांधने वाले जनक इजी. प्रताप पटेल

17 गांव की सड़कों के जनक इजी. प्रताप पटेल
नरसिंहपुर :-  जिला मुख्यालय से महज 3 से 15 किलोमीटर के अंदर ग्रामीण क्षेत्रों के वासियों का जीवन नरक था तब सत्र 2012-13 में एकजुट होकर आंदोलन किया उसे समय सत्ता भाजपा की थी लेकिन विधायक कांग्रेस का रहा बावजूद ग्रामीण जनता हलकान थी । सूत्रों से प्राप्त जानकारी अनुसार 17 गांव की सड़कों के जनक कहे जाने वाले इंजी. प्रताप पटेल ने ग्रामीणों की पीड़ा समझते हुए एक नारा लगाया कि "रोड नहीं तो वोट नहीं' और नयाखेड़ा में देव मुरलीधर मंदिर में एक वृहद बैठक कर समस्त 17 गांव के ग्रामीणों के बीच उक्त प्रस्ताव पारित कर रोड नहीं तो वोट नहीं पर लगातार संघर्ष के माध्यम से मुख्यालय पर भी धरना दिया, तत्पश्चात जानकारी मिल की डोभी में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का आगमन हो रहा है।  बात को ध्यान में रखते हुए 17 गांव के लोगों का प्रतिनिधि करते हुए इंजी.प्रताप पटेल ने वर्तमान राज्यसभा सांसद कैलाश सोनी की मदद से सीएम साहब को 17 गांव की रोड के बारे में अवगत कराया और इस सभा में 17 गांव के लोग आए हुए हैं । उनका रोड का काम आज ही इसी मंच से सैंक्शन करना है ?  नहीं तो चुनाव आते-आते 17 से 170 गांव साथ में हो जाएंगे । इसी युक्ति के साथ 17 गांव की रोड का मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जी ने मंच के माध्यम से घोषणा की थी 
तत्पश्चात प्रभारी मंत्री उमाशंकर गुप्ता के माध्यम से ग्राम नयाखेड़ा में एक  कार्यक्रम के माध्यम से मुक्त रोडो का भूमि पूजन किया गया था । इस प्रयास से इन अपेक्षित गांव में यह रोडो का निर्माण हुआ, और मध्यप्रदेश शासन ने करोड़ों के बजट के साथ शेर नदी, ऊमर नदी में पुलों के साथ इन गांवों को जोड़कर ग्रामवासियों को शिक्षा स्वास्थ्य समृद्धि के मार्ग पर लाकर खड़ा किया है । इसके लिए भारतीय जनता पार्टी एवं मुख्यमंत्री जी का क्षेत्र की जनता हमेशा आभारी करती है । हम बता दें कि इनका कहना है वह ग्राम कौन से हैं इनमें प्रमुख नयाखेड़ा,इमलिया,गरारू, सागोनी खुर्द कला,गरगटा, तिदनी ,धुवघट, रानी पिंडरई, डूडी पिंडरई, घाट बम्होरी समनापुर, झामर, घूरपुर, पिपरहा, सगौनीकला, (चौधरी) सगौनी खुर्द, सिमरिया जैसे ग्रामीण क्षेत्र की रोड बनवाकर जनक कहे जाते हैं लेकिन इनका कहना है कि सर्वश्री छोटेलाल चौबे, कंछेदी लाल पटेल, फूल सिंह पटेल, डालसिंह पटेल, घनश्याम झरिया, निहाल पटेल, चौधरी मचकुन्द सिंह, मोहन सिंह पटेल, रामसेवक पटेल, रमाकांत चौबे सहित सैकड़ो ग्रामीण साथियों का इस संघर्ष में सहयोग रहा ।

Post a Comment

0 Comments