*अपनी पुश्तैनी भूमि की वैल्यू बढ़ाने "मालगुजार" प्रशासनिक अधिकारियों से सांठगांठ कर गरीबों के आशियाने, उजाड़ने का कर रहा हर संभव प्रयास*

मालगुजार द्वारा घनी आबादी के बीच खोले जा रहे पेट्रोल पंप पर तत्काल लगे रोक *परिसंघ*
संपादक हेमराज विश्वकर्मा 

HR Times News नरसिंहपुर :- 
नरसिंहपुर - सांकल तिराहे से सड़क किनारे पट्टे धारियों के मकान के पीछे मालगुजार घनी आबादी के बीच खोलने जा रहा पेट्रोल पंप स्थानीय रहवासियों के लिए बड़ी मुसीबत खड़ा कर रहा है !
            ज्ञातव्य हो कि पट्टे धारियों के मकानों के पीछे मालगुजार की भूमि पड़ी हुई है जिस पर अब मालगुजार पेट्रोल पंप बनवा रहा है और सामने पट्टे धारियों के सटे मकान सन् 84 से बने हुए हैं !
            सूत्रों का कहना है कि मालगुजार पूर्व से ही अपनी भूमि की वैल्यू बढ़ाने के लिए, पट्टे की भूमि को प्रशासन की मिलीभगत से अतिक्रमण क्षेत्र घोषित करा चुका है,और अधिकारियों से सांठगांठ कर दो बार अतिक्रमण जैसी कार्यवाही के नाम गरीबों के मकानों में तोड़फोड़ करबा चुका है !
                    अब वही मालगुजार पेट्रोल पंप खोलने जा रहा है और सामने पट्टे वाले मकानों को तुडवाने के लिए प्रशासन के अधिकारियों से सांठगांठ कर अतिक्रमण के नाम पट्टे वाले मकान तुडवाना चाहता है, कुछ स्थानीय जागरूक लोगों का कहना है कि प्रशासन को ऐसा क्या मीठा है कि उसके मंसूबे पर प्रशासन खरा उतरते दिख रहा है। प्रशासनिक अमले में विराजमान अधिकारी वर्ग को तो प्रशासन प्रतिमाह भरपूर सैलरी भी देता है । लेकिन इन झोपड़पट्टी में निवासरत गरीबों पर भी दया खावे प्रशासन, और मालगुजार का साथ ना देकर गरीबों के हक में यह फैसला करना चाहिए, जिससे प्रशासनिक छवि पर कोई बुरा असर ना पड़े साब जी ।            
           
लंबित प्रकरण पर भी दिखाई जा रही हठधर्मिता

 बताया जा रहा है कि स्थानीय पट्टे धारियों का प्रकरण एसडीएम कार्यालय मे लंबित है, दूसरा 28 फरवरी 2023 की जनसुनवाई मे पट्टेधारी कलेक्टर महोदया के पास शिकायत लेकर पहुंचे थे, परंतु हठधर्मिता देखें जिस पर कलेक्टर महोदया द्वारा उन्हें उनके पक्ष में आश्वासन भी दिया गया था, किंतु इन सब बातों को ताक पर रखते हुए नायब तहसीलदार ने 31 मार्च 23 मे नोटिस जारी कर 5 अप्रैल में अतिक्रमण कार्यवाही के आदेश दे डाले, जिसकी जानकारी सामाजिक संगठनो और मध्य प्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ के जिला अध्यक्ष हेमराज विश्वकर्मा सहित अन्य पत्रकारों को मिली तब समाचार पत्रो ने गरीबों की हक की आवाज उठाई, जिसके कारण 5 अप्रैल में तो कोई कार्यवाही नहीं की गई ! लेकिन एसडीएम कार्यालय में पट्टेधारी जब 6 अप्रैल की पेशी पर पहुंचे तो कुछ कर्मचारियों द्वारा बताया गया कि 11 अप्रैल में अतिक्रमण कर मकान तोड़ दिए जाएंगे !

इनका कहना 
                      उक्त प्रकरण लंबे समय से कोर्ट में चल रहा है और यह गरीबों के मकान बड़े लंबे समय से यहां पर बने हुए हैं एक तरफ सरकार गरीबों के लिए नई नई योजनाएं लांच करती है और दूसरी तरफ गरीबों के आशियाने प्रशासन द्वारा तुड़वाए जा रहे हैं । निंदनीय है। इसमें तो
प्रशासन को मालगुजार द्वारा घनी आबादी के बीच बन रहे पेट्रोल पंप पर तो तुरंत रोक लगाई  जानी चाहिए एवं पट्टेधारियों के पट्टे रिन्यूबल करना चाहिए एवं सत्तारूढ़ पार्टी और प्रशासन द्वारा गरीबों के हक को तत्काल सुरक्षित किया जाना चाहिए ! जिससे गरीबों का भी सुखचैन ना छिने जा सके ।

 
             जिलाअध्यक्ष 
         नरेंद्र कुमार नरवरिया
अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति 
संगठनों का अखिल भारतीय परिसंघ नरसिंहपुर (म.प्र.)

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