विकास यात्रा के समापन पश्चात तैयार हुआ रिपोर्ट कार्ड


प्राप्त फीडबैक और रिपोर्ट से ही तय होगा प्रत्याशियों का भविष्य
संपादक हेमराज विश्वकर्मा 

HR Times  News नरसिंहपुर  :- 5 फरवरी से शुरू हुई भाजपा सरकार की विकास यात्रा समाप्त होते ही 52 जिले के भाजपा जिलाध्यक्ष और पदाधिकारियों को प्रदेश भाजपा नेतृत्व अनुसार भोपाल बुलाया बैठक का मुख्य एजेंडा आगामी विधानसभा चुनाव से संबंधित विषय ही होंगे, बैठक में प्रदेश अध्यक्ष बीडी शर्मा संगठन मंत्री हितानंद शर्मा पार्टी के राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री शिव प्रकाश सहित अन्य वरिष्ठ जन उपस्थित होंगे दरअसल चुनावी वर्ष में अपने विधायकों का सही आकलन करने के लिए इस विकास यात्रा के जरिए भाजपा ने विधानसभा वार रिपोर्ट कार्ड तैयार करवाए हैं। मध्य प्रदेश के कई जिलों में विकास यात्रा के दौरान भाजपा विधायकों का विरोध देखने को सामने आया है। बहुत से स्थानों पर भाजपा विधायकों पर निष्क्रियता की आरोप लगे हैं। और विधानसभा क्षेत्रों से विधायकों के बारे में आम जनता की राय भी ली गई है। उनकी जमीनी हकीकत को भी टटोला गया है। जिसमें नरसिंहपुर विधानसभा की भी जमीनी हकीकत को टटोला गया है ।

भाजपा संगठन इस बात को लेकर काफी गंभीर है। और यह भी तय माना जा रहा है। कि विधानसभा क्षेत्रों से प्राप्त हुआ फीडबैक ही विधानसभा प्रत्याशियों की दावेदारी तय करेगा,, । जिन विधानसभाओं में विरोध सामने आया है। वहा उसकी हकीकत का पता लगाया जाएगा, और अगर जनता सही में अपने जनप्रतिनिधि से नाराज है। तो अगले चुनाव मैं प्रत्याशी बदलने के बारे में प्रदेश भाजपा नेतृत्व विचार करेगा, भाजपा की तैयारी देखते हुए यह स्पष्ट प्रतीत होता है । कि आगामी चुनाव को एकतरफा नहीं जीता जा सकता है । और भाजपा भी इस चुनौतीपूर्ण स्थितियों को समझ रही है। क्योंकि विकास यात्रा का कोई विशेष फर्क बुद्धिजीवियों पर नहीं पड़ा है। सूत्रों का कहना है कि नरसिंहपुर जिले में भाजपा सरकार ने विकास यात्रा में सरकारी तंत्रों का जो उपयोग किया है और उससे जो गुप्त सूचनाएं मिली है। उनके आधार पर यह अनुमान लगा लिया है, कि उस स्थान पर सत्ता विरोधी रुझान है।
                     "लेकिन हम बता दें कि यह माहौल हर चुनाव के पहले निर्मित होता है"। संगठन इस प्रकार के डैमेज कंट्रोल से कई बार सफलतापूर्वक रूबरू हो चुका है ।

कई विधायकों के कट सकते हैं टिकट तय होगा फार्मूला

पार्टी के सूत्र अनुसार 2018 में हुए विधानसभा चुनाव में 52 विधायकों सहित पांच मंत्रियों के टिकट काटे थे, "इस गुजरात फार्मूले का असर 2023 के विधानसभा चुनाव में साफ तौर पर नजर आ सकता है" वर्तमान में भाजपा की बहुत से ऐसे विधायक हैं जिनका खुलकर मतदाताओं द्वारा विरोध किया जा रहा है ?
                                 जिनमें नरसिंहपुर भी शामिल है संगठन के पास विभिन्न प्रकार की कई जानकारियां पहुंची है । जो विधायक उम्रदराज हो चुके हैं या फिर कई बार चुनाव जीत चुके है । उन नेताओं को अब पार्टी संरक्षक मंडल में शामिल कर दूसरी पीढ़ी के नेताओं को आगे बढ़ाने का काम कर सकती है । 
                  इतना ही नहीं नरसिंहपुर जिले की गोटेगांव विधानसभा और तेंदूखेड़ा विधानसभा सीटें मंथन सूची में शामिल हो सकती है ।

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