शहर व शहर से लगी ग्राम पंचायतों में काटी जा रही कालोनियां, आमजनों के साथ छलावा, जिम्मेदार व "अधिकारी मौन"



शहर व शहर से लगी ग्राम पंचायतों में काटी जा रही कालोनियां, आमजनों के साथ छलावा, जिम्मेदार व "अधिकारी मौन"

संपादक  हेमराज विश्वकर्मा
एचआर टाइम्स नरसिंहपुर :-   जिला मुख्यालय में पदस्थ जिले के मुख्य पदाधिकारी यह बात बार-बार बिसर जाते हैं कि शहर व शहर से लगे ग्रामीण क्षेत्र में अवैध कॉलोनीयो में व्यावसायिक एनओसी ग्राम पंचायतें धड़ाधड़ दे देती है। लेकिन व्यवसाय के आधार पर लिया गया शुल्क किस मद में और कहां खर्च किया जाता है। यह सुध लेने वाला कोई अधिकारी सामने नहीं आता है । जबकि व्यवसायिक एनओसी की सूचना जनपद में दी जाती है ग्राम पंचायत ऐसे मद को कहां खर्च कर देती है। समझ से परे है । एक तरफ ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों का कहना है कि ग्राम पंचायत द्वारा एनओसी दी जाती है लेकिन वह व्यवसायिक नहीं होती है। लेकिन शहर से लगे ग्रामीण क्षेत्रों में धड़ाधड़ कालोनियां कट रही हैं । जिसकी एनओसी धनपिपासु धनअर्जन कर दे देते हैं। नियमानुसार जनपद को सूचना होनी चाहिए । वह कर की राशि पंचायत से लेकर जनपद और जिला तक पहुंचने की जानकारी ग्रामीण क्षेत्रों में सक्रिय लोग बताते हैं। सूत्रों का कहना है कि यह अंडरब्रिज के सामने वाली कॉलोनी में तीन लोग पार्टनरशिप है। लेकिन जमीन इन लोगों के नाम पर अलग-अलग दर्ज है । ग्राम पंचायत में देखा जाए तो इनकी पार्टनरशिप कागजी कार्रवाई में खोखली नजर आएगी और धनबल के आधार पर नियमानुसार शासन के साथ लूट ही है। हम बता दें कि ग्राम पंचायत रौसरा बिपतपुरा अंतर्गत आने वाली अंडर ब्रिज के सामने कट रही कॉलोनी द्वारा नियमों को ताक पर रखकर आमजनों के साथ एक बड़ा छलावा है। उक्त कॉलोनी सिंगरी नदी से लगी हुई है, जो डूब क्षेत्र में आती है, और अंडरब्रिज से जाने वाला रास्ता जिस पर इस कॉलोनी का प्रवेश द्वार है, वह रेलवे की हद के सामने है जब रेलवे द्वारा बाउंड्रीवाल उठा ली जाएगी तब उक्त कॉलोनी का प्रवेश द्वार बंद हो जाएगा, ऐसे कॉलोनीनाइजर द्वारा काटी जा रही कॉलोनी में एक प्रकार से उपभोक्ताओं के साथ एक बड़ा छलावा किया जा रहा है जिन लोगों ने इस कॉलोनी में प्लाट लिए हैं आने वाले समय में वह लोग इस समस्या से निजात नहीं पाएंगे और बड़ी मुसीबत का सामना करेंगे । हो सकता है इन तीन पाटनरो द्वारा डायवर्सन लिया हो एवं टाउन एंड कंट्री के नियम आधार पर ग्राम पंचायत से नॉर्मलतौर पर एन ओ सी भी ली हो लेकिन इनके पास व्यवसायिक एनओसी नहीं है अब जिला एवं जनपद मैं बैठे पदाधिकारियों को चाहिए कि उक्त कट रही कॉलोनी की नियमअनुसार जांच कर इन पर दंडात्मक कार्यवाही करने में कोई कसर नहीं छोड़नी चाहिए, जिससे जिला पदाधिकारियों की छवि पर कोई फर्क ना पड़े अन्यथा लंबे समय से देखा जा रहा है कि शहर व शहर से लगे ग्रामीण क्षेत्रों में कॉलोनी नाइजरो द्वारा धनबल को लेकर जमकर भ्रष्टाचार किया जा रहा है। और उच्चपदाधिकारी हाथ पर हाथ धरे हुए बैठे रहते हैं । जनपद में बैठे अधिकारी एक तरफ अवैध कॉलोनी पर रोड बनाने की अनुमति नहीं देते दूसरी तरफ ग्राम पंचायत रौसरा को गोद लिए हुए हैं और धड़ाधड़ रोड निर्माण नाली निर्माण की ग्राम पंचायत से एनओसी दिलवाकर रोड निर्माण करा रहे हैं। देखा जाए तो दूसरी ग्राम पंचायतों में अवैध कॉलोनी का नाम लेकर रहवासी क्षेत्रों में रोड निर्माण के लिए अनुशंसा करने पर रोक लगाती है ऐसे धन पशुओं को उच्चअधिकारी निलंबित क्यों नहीं करते ? यह विचारणीय विषय हैं । वही ग्राम ग्रामीण क्षेत्रों में रेहवास करने वाले लोगों ने सीएम हेल्पलाइन भी दर्ज की है लेकिन जनपद में बैठे लोगों के कानों में जूं तक नहीं रेंगती है ।

इनका कहना

ग्राम पंचायत रौसरा बिपतपुरा अंडरब्रिज के सामने बन रही कॉलोनी नाइजरों द्वारा उक्त कॉलोनी नियमानुसार निर्माण नहीं की जा रही है। वही सचिव से फोन पर चर्चा करने पर सचिव द्वारा बताया गया कि पंचायत में आज दिनांक तक एनओसी नहीं चढ़ाई गई। और ना ही टीएनसी से कोई दस्तावेज लिए गए। यह कॉलोनी अवैध कॉलोनी है। पंचायत से कॉलोनी नाइजर द्वारा रोड व नाली निर्माण की एनओसी दी गई है। अब एसडीएम साहब जाने ?

ग्राम पंचायत 
    रौसरा 
सरपंच / सचिव

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