तेंदूखेडा़०दमोह
संवाददाता- लक्ष्मण रैकवार
स्थानीय तारण तरण दिगम्बर जैन चैत्यालय जी मे पर्वाधिराज पर्यूषण पर्व के अवसर पर प्रतिदिन संगीतमय और उत्साह पूर्वक मन्दिरविधि,चंदन,आरती का आयोजन किया जा रहा है। प्रतिदिन पथरिया नगर गौरव बा.ब्र.सुषमा दीदी जी के अमृतमयी वचनों का लाभ सकल समाज को प्राप्त हो रहा है। उत्तम अकिंचन धर्म के बारे मे बताते हुये- धर्मसभा को संबोधित करते हुये बा.ब्र.सुषमा दीदी ने कहा कि-आत्मा के अपने गुणों के सिवाय जगत में अपनी अन्य कोई भी वस्तु नहीं है इस दृष्टि से आत्मा अकिंचन है। अकिंचन रूप आत्मा-परिणति को आकिंचन करते हैं।
जीव संसार में मोहवश जगत के सब जड़ चेतन पदार्थों को अपनाता है, किसी के पिता, माता, भाई, बहिन, पुत्र, पति, पत्नी, मित्र आदि के विविध सम्बंध जोड़कर ममता करता है। मकान, दूकान, सोना, चाँदी, गाय, भैंस, घोड़ा, वस्त्र, बर्तन आदि वस्तुओं से प्रेम जोड़ता है। शरीर को तो अपनी वस्तु समझता ही है। इसी मोह ममता के कारण यदि अन्य कोई व्यक्ति इस मोही आत्मा की प्रिय वस्तु की सहायता करता है तो उसको अच्छा समझता है, उसे अपना हित मानता है। और जो इसकी प्रिय वस्तुओं को लेशमात्र भी हानि पहुँचाता है उसको अपना शत्रु समझकर उससे द्वेष करता है, लड़ता है, झगड़ता है इस तरह संसार का सारा झगड़ा संसार के अन्य पदार्थों को अपना मानने के कारण चल
रहा है।
समाज अध्यक्ष सेठ संजय ठेकेदार ने बताया कि
प्रवचनों के पश्चात माँ जिनवाणी की वंदना की जाती है,उसके बाद पचंदीप्ति बालिका मंडल की बहनों के द्वारा
रात्रि में प्रत्येक दिवस भक्तिभाव से विभोर भजन, विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं प्रतियोगिताये आयोजित की जा रही है।
विगत रात्रि में सुंदर नाटिका माँ का कलेजा प्रस्तुत की गई,साथ ही 15 वर्ष से कम उम्र के बच्चो की वेशभूषा प्रतियोगिता आयोजित की गई,जिसमे झांसी की रानी के रुप मे सुंदर प्रस्तुति देते हुये मोक्षी जैन ने प्रथम स्थान प्राप्त किया,साथ ही सभी बच्चे और समाज की महिला-पुरुष भी प्रतियोगिता में उत्साहपूर्वक भाग ले रहे है और हर्षोल्लास के साथ संयम और साधना का यह पर्व मना रहे है।
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