शासकीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र करकबेल में स्थाई डॉक्टर की पदस्थापना ना होने से क्षेत्रीय जनों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है

लो०नरसिंहपुर/करकबेल

शासकीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र करकबेल में स्थाई डॉक्टर की पदस्थापना ना होने से क्षेत्रीय जनों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है जिससे परेशान होकर इलाज के लिए मजबूर हो गए स्थानीय लोगों ने बताया कि सरकारी अस्पताल में करकबेल, बौछार , बेलखेड़ा ,वासनपानी, लुहारी ,नन्हेगांव, ठेमी ,कंधरापुर , देवरी ,टपरियो, मलाह पिपरिया आदि जैसे 50 ग्रामों के लिए ये एक ही  सरकारी अस्पताल है ,जिसमे डॉक्टर नहीं होने से मरीज भगवान भरोसे हैं वर्तमान में संक्रामक बीमारियों का दौर चल रहा है जिससे आए दिन सर्दी जुकाम बुखार खांसी आदि के मरीज अस्पताल पहुंचते हैं लेकिन बीमारियों का इलाज न मिल पाने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है समय पर सही इलाज ,सही दवाइयां ना मिलने से अति बीमार हो जाने पर गरीबों को नरसिंहपुर, गोटेगांव, रिफर कर दिया जाता है।कुछ लोगो ने एवम मरीजों ने अपने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि स्टाफ की मनमानी के चलते हुए उन्हें सरकारी अस्पताल में इंजेक्शन लगाने के लिए 50 रु एवम बॉटल लगाने के लिए  100 रु  तक की रकम स्टाफ द्वारा वसूली जा रही है , पैसे न देने पर मरीज को प्राथमिक ट्रीटमेंट देकर रवाना कर दिया जाता है , सुबह के समय  अस्पताल में अमला रहता है 12 से 1 के बीच हॉस्पिटल बंद कर दी जाती है, लेकिन शाम के समय अस्पताल खुले ये जरूरी नही ,कोई समय टाइम टेबल फिक्स नही है ,कहने को तो 14/15 कर्मचारी अस्पताल में पदस्थ है पर इतने कर्मचारियों का एक साथ हॉस्पिटल में मिलना नामुनकिन है , पैथोलॉजी डिपार्टमेंट भी टाइम से जल्दी बन्द हो जाता है कभी पैथोलॉजी में जांच किट ,का आभाव रहता है जिससे गरीब लोगों को लिखी जांचे करने प्राइवेट पैथोलॉजी में जाना पड़ता है,पैसे न होने से गरीब मरीज बेचारे जांच भी नही करा पाते , तो कभी अस्पताल में दवाइयों का अभाव रहता है , नरसिंहपुर जिला अस्पताल से मरीजो के लिए महंगी से महंगी दवाई , एवम हर प्रकार की दवाइयां करकबेल स्वास्थ्य केंद्र को प्रदान की जाती है और वह लोगों तक क्यों नहीं पहुंच पाती कहां जाती है इतनी दवाइयां , अस्पताल स्टाफ़ से जब इस बारे में पूछा जाता है तो एक दूसरे कर्मचारियों पर दोषारोपण पर बात को समाप्त कर दिया जाता है ,इन्ही सब शिकायतों की सत्यता की जांच करने हेतु आज शपथ ग्रहण समारोह के तुरंत बाद सरपंच महोदया अनीता श्रीवास्तव ,उपसरपंच एवम ग्राम पंचायत के सभी 16 पंचो द्वारा शासकीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र करकबेल का औपचारिक निरीक्षण किया गया जिसमें कई अनियमितताएं पाई गईअस्पताल में  14 लोगों का ड्यूटी स्टाफ होने के बावजूद चार पांच लोग ही ड्यूटी पर पाए गए एवं सरकारी दवाइयों के स्टाक के बारे में पूछे जाने पर सहायक चिकित्सक राज कुमार चौबे द्वारा संतोषजनक जवाब नहीं दिया, वही पैथोलॉजी डिपार्टमेंट को बंद पाया गया लोगों ने बताया समय के पहले ही पैथोलॉजी का स्टाफ अपने घर चले जाते हैं सरपंच महोदया द्वारा समस्त स्टाफ को निर्देशित किया गया कि आगे से इस प्रकार की लापरवाही के लिए उनको छोड़ा नहीं जाएगा एवं इन पर उचित कार्यवाही की जाएगी हॉस्पिटल खोलने से लेकर बंद होने के समय तक समस्त स्टाफ हॉस्पिटल में ही मौजूद रहेगा, हॉस्पिटल के सीसीटीवी कैमरा को चालू कराया जाए सरपंच महोदय ने आश्वस्त किया कि उच्चाधिकारियों से बात करके इन सब समस्याओं का निराकरण शीघ्र से शीघ्र कराया जाएगा एवं शीघ्र शासकीय स्वास्थ्य केंद्र करकबेल में मेडिकल चिकित्सक की स्थाई नियुक्ति कराई जाएगी ।सरकारी अस्पताल करकबेल का सभी स्टाफ बहुत लंबे समय से इसी हॉस्पिटल में सुकून की नोकरी कर रहा है ,न किसी की परवाह, न किसी का भय ,न ट्रांसफर की चिंता ,आखिर क्यों ? इन सब कारणों की उचित जांच की जाए। इन समस्याओं की और जिला प्रशासन ध्यान दे। माननीय कलेक्टर महोदय एवं स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों से निवेदन है कि अचानक दौरा कर अस्पताल का निरीक्षण कर मरीजो ,आमजन को होने वाली परेशानी का निवारण करें  जिससे आम मरीजों को राहत प्रदान हो ,और शासकीय अस्पताल करकबेल में एक स्थायी चिकित्सक की पोस्टिंग तुरंत करने की कृपा करें । एवम सरकारी अस्पताल करकबेल के सिस्टम को दुरुस्त करने की कृपा करें ,।

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