काबिल होनहार डॉ अमित चौकसे हुए षड्यंत्र का शिकार
हेमराज विश्वकर्मा मध्य प्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ जिला अध्यक्ष नरसिंहपुर
HR TIMES NEWS नरसिंहपुर :- कोरोना काल मे वरदान साबित हुए डॉ अमित चौकसे एकमात्र ऐसे ब्रांड हैं जिस मरीज पर इनका हाथ लग जाए वह ठीक होकर ही रहता है,जिले में एकमात्र डॉक्टर जो जिला शासकीय हॉस्पिटल को संभाले हुए थे इन्होंने यूं ही इस्तीफा नहीं दिया होगा, इस्तीफा देने का भी कोई बड़ा कारण होगा, वर्तमान समय में इस्तीफा देने के बाद इन्होंने अपने निजी मकान को बनाते हुए, उसी को हॉस्पिटल का रूप देना चाहा और मरीज यदि इलाज हेतु किसी जिम्मेदार डॉक्टर के पास पहुंचता है तो यदि उन्होंने अपनी जिम्मेदारी को निभाते हुए उन मरीजों का इलाज कर दिया तो क्या बुराई है । सूत्रों से प्राप्त जानकारी अनुसार इनकी छवि धूमिल करने में किसी प्राइवेट बड़े डॉक्टर नाम सामने नजर आ रहा है । जो कि राजनीतिक षड्यंत्र है ।जब डॉक्टर अमित चौकसे से फोन पर चर्चा की तो उन्होंने बताया कि पंजीयन की प्रोसेस तो मैंने कर दी थी और दो दिन बाद मेरे मकान पर जिसे में हॉस्पिटल का रूप देने जा रहा हूँ । षड्यंत्र के तहत सीज कर दी है । जबकि मेरी ऐसी कोई मंशा नहीं थी कि मैं बिना दस्तावेजों के हॉस्पिटल का संचालन करूं प्राथमिक उपचार करना प्रत्येक जिम्मेदार डॉक्टर की कर्तव्य है। जो मैने मरीजों के साथ निभाई है । अब जिसको जो छापना या षड्यंत्र करना है वह स्वतंत्र है मैं तो सिर्फ अपने कार्य को जिम्मेदारी व ईमानदारी से निभा रहा हूं। और निभाता रहूंगा ।
हम बता दें कि हॉस्पिटल पंजीयन के नाम पर जो चौकसे हॉस्पिटल पर जो कार्यवाही की गई है वह कोई अनोखा पहला हॉस्पिटल नहीं बनने जा रहा है ऐसे कई संस्थान हैं जिन पर प्रशासन एक्शन लेने में पीछे हो जाता है यदि हम बात करें शहर की तो ऐसी कई मेडिकल/ हॉस्पिटल संस्थान व अन्य व्यवसायिक संस्थान हैं और कई ऐसे डॉक्टर भी है उन पर भी कार्यवाही होना चाहिए जिनका पंजीयन नहीं है चाहे वह छोटा डॉक्टर हो या बड़ा ? ऐसे कई हॉस्पिटल है जो कागजी खानापूर्ति में बहुत पीछे हैं बावजूद आज भी शहर व जिले में धड़ल्ले से अपने क्लीनिक चला रहे है यदि प्रशासन जिम्मेदारी पूर्वक अपना कार्य करें तो ऐसे कई हॉस्पिटल बंद होने की कगार पर सामने नजर आ जाएंगे। ज्ञातव्य हो कि डॉ. चौकसे एमबीबीएस एमडी मेडिसिन है डिग्री लेने में एवं प्रैक्टिस करने पर जो आदमी कम उम्र में आसमान की बुलंदियों को छुएं उस पर राजनीतिक षड्यंत्र कारी नीतियां दुर्भाग्य है ।
इनका कहना
डॉक्टर चौकसे के विरुद्ध प्रशासन की उक्त दमनकारी नीति का हम विरोध करते हैं और प्रशासन से अपील करते हैं कि इस कार्रवाई पर तत्काल अंकुश लगाया जाए अन्यथा कोई डॉक्टर मरीज की सेवा करने के लिए आगे नहीं आएगा ।
एन के नरवरिया
जिलाध्यक्ष
जिला परिसंघ नरसिंहपुर (म.प्र.)
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