शहरभर में संचालित पेट्रोल पंपों पर सुविधाओं का टोटा, ग्राहक ताकते हैं बंद हवा मशीनें और अन्य सुविधाएं

 नियमों को ताक पर रखकर, पेट्रोल पंप संचालक, कर रहे भर्राशाही, ग्राहक उठा रहे परेशानी 


संपादक हेमराज विश्वकर्मा

HR Times News नरसिंहपुर    जिला मुख्यालय में स्थित पुराना बसस्टैंड और सांकल रोड,खैरी नाका झिरना रोड़ एवं शहर में संचालित पेट्रोल पंपों पर नियमों की खुलेआम अनदेखी कर धज्जियां उड़ाई जा रही है और पेट्रोल पंप संचालकों द्वारा आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध ना कराए जाने से उपभोक्ताओं को लगातार असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है । जिले में वैसे तो कई पेट्रोल पंपों पर अव्यवस्थाओं की शिकायत मिल रही है, लेकिन मुख्यालय में बारूद के ढेर होने के बावजूद स्थानीय जनता के लिए सुविधा उपलब्ध कराना अति आवश्यक है जो शहर के बीचों बीच स्थित पेट्रोल पंपों में नहीं देखी जा रही है । और हालात बद से बदतर बताएं जा रहें हैं । यदि जिम्मेदार विभाग इन पर कोई कार्यवाही नहीं करता तो उच्चाधिकारी वर्ग इस पर अपना ध्यान आकर्षित करें नहीं तो ऐसे पेट्रोल पंप संचालकों के लाइसेंस निरस्त करें । 


अधिकतर पेट्रोल पंपों पर हवा की मशीनें तो है लेकिन बंद विभागीय अधिकारी मौन

उपभोक्ताओं का कहना है कि शहरभर के पेट्रोल पंपों पर  वाहनों में हवा भरने के लिए कंप्रेसर मशीन तो लगी हुई है लेकिन खराब है और यह मशीने सिर्फ दिखावा करने के लिए रखी हुई है। और तो और हवा मशीन पर कर्मचारी तक मौजूद नहीं रहता । नतीजतन यात्रियों को दूसरे स्थान पर भटकना पड़ता है, हैरानी की बात यह है कि बीच शहर में स्थित पंपों पर शौचालय और पीने के पानी की भी उचित व्यवस्था नहीं है । और हैं तो किसी पंप पर है तो उनके शौचालयों पर ताले लटक रहे हैं । और पंप के आसपास गंदगी का अंबर दिखाई देती है । जन चर्चा है कि प्रशासनिक अमले की आंख बंद है । या फिर काम ना करने की शासन सैलरी ले रहा है । और पंप संचालकों से घर की व्यवस्थाएं करते हैं।

लाइसेंसी होने के बाद भी सीमा पार लापरवाही


मार्केटिंग डिसिप्लिन गाइडलाइंस और पेट्रोलियम कंपनियों के नियमों अनुसार हर पेट्रोल पंप पर ग्राहकों के लिए शौचालय, पीने का पानी, प्रीमियम उपचार की किट और हवा भरने की मशीन अनिवार्य रूप से उपलब्ध करना होता है। इसके साथ ही एक शिकायत पुस्तिका भी सामने रखी जानी चाहिए लेकिन शहर में पेट्रोल पंपों पर लाइसेंसी होने के बाद भी नियमों को ताक पर रखकर धज्जियां उड़ाई जा रही है साब ?

ऐसे पंपों की उठ रही निरस्तीकरण की मांग 

वाहन चालकों ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा है कि यदि कोई भी पेट्रोल पंप संचालक बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं कर सकते हैं तो उनका लाइसेंस निरस्त कर देना चाहिए । कई उपभोक्ताओं ने यह भी बताया कि जब भी शिकायत करते हैं तो पंप संचालक और कर्मचारी अभद्रता पर उतर आते हैं। काल्पनिक नाम सेवाराम नामक व्यक्ति ने बताया कि यहां तो शहरभर में नियमों को तांक पर रखकर मनमानी की जाती है । मजबूरन उक्त व्यक्ति को वहां से मायूस होकर लौटना पड़ता है। अधिकारियों की मिलीभगत के कारण कोई ठोस कार्यवाही का ना होना इन पंप संचालकों के हौसलों को बुलंद करता गया है।


जिम्मेदार अधिकारी की मिली-भगत, भुगत रही जनता 


स्थानीय उपभोक्ताओं का आरोप है कि संबंधित विभाग और तेल कंपनियों के जिम्मेदार अधिकारी सब कुछ जानते हुए भी आंख मूंदे बैठे हैं। उपभोक्ताओं ने वर्तमान दौर में यह मान लिया है कि जब तक यह अधिकारी वर्ग रहेगा तब तक कुछ होना जाना नहीं है । इससे प्रशासन पर भी सवाल उठने लगे हैं। हालात यह है कि ले-देकर मामले को रफा दफा करने में वर्तमान अधिकारी लगे रहते हैं ?

उपभोक्ता के संविधानिक अधिकार का हो रहा हनन 

भारतीय उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 के तहत पेट्रोल पंप पर यात्रियों को मुफ्त में कुछ बुनियादी सुविधा उपलब्ध कराना अनिवार्य है । इसमें शामिल हैं ।

1- निशुल्क हवा भरने की मशीन, 2 स्वच्छ पीने योग्य पानी, 3 महिला व पुरुषों के लिए अलग-अलग साफ-सुथरी शौचालय 4 प्राथमिक चिकित्सा बॉक्स और शिकायत रजिस्टर सहित होना अनिवार्य है। और इन सुविधाओं को उपलब्ध न करना उपभोक्ताओं के अधिकारों का उल्लंघन है और बता दें कि यह गैरकानूनी दंडनीय अपराध भी हैं। प्रत्येक पंप पर शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया भी नदारद रहती है। यदि किसी पंप पर यह सुविधाएं उपलब्ध नहीं है । तो उपभोक्ता अपनी शिकायत दो तरीकों से दर्ज कर सकते हैं ।

क्या कहता है कानूनी दंड 

नियमों का पालन न करने पेट्रोल पंप संचालकों पर जुर्माना लाइसेंस निलंबन और रद्दीकरण तक की कार्यवाही हो सकती है । यह प्रावधान न केवल उपभोक्ता को उसके अधिकार दिलाने के लिए बल्कि देश में सेवा व्यवस्था को पारदर्शी और जवाबदेही बनाने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है ।

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