गांजा का मामला दर्ज होना था महिला पर, बना दिया गया आदमी पर, भूमिका में रही जिम्मेदार पुलिस
HR Times News नरसिंहपुर थाना करेली पुलिस ने बीते माह दिनांक 14-11-24 को रात्रि 10:00 बजे गांजे की पुड़िया बेचने की शिकायत के आरोप में सतधारा के पुराने पुल के पास रहने वाली महिला के पास गांजे की पंखुड़ियों सहित पकड़ा था । उक्त मामले में अहम भूमिका निभाने वाले - ए एस आई शिशुपाल चौधरी,आरक्षक शिवकुमार नोरिया, आरक्षक सुदीप बागड़ी, यमन बागड़ी, सचिन पटेल, द्वारा रीना मेहरा को करेली थाने की जीप में बैठाकर थाने लाया गया था। और उन्हें कैमरो की रेंज से बचाते हुए गाड़ी के अंदर से निकलते हुए बैरग की तरफ ले गए, आरोपी महिला को अंडरग्राउंड करते हुए पाल साहब के पीछे से अंदर लाया गया, जिसकी सुरक्षा में तैनात महिला आरक्षक निधि तिवारी, महिला सैनिक मीराबाई को भर रखा गया जातव्य हो कि उसी रात थाने में नाइट ड्यूटी ऑफिसर ए एस आई आर आर सोनी, एवं मुंशी अनुराग कौरव थे, सूत्रों से प्राप्त जानकारी अनुसार उक्त प्रकरण में आरक्षक सुदीप बागरी, आरक्षक यमन बागरी, ने 80,000 रुपए (रीना काल्पनिक नाम) से रिश्वत लेकर दिनांक 15-11-24 को थाने से छोड़ दिया और उसके स्थान पर मोनू उर्फ मुकेश कहार, निवासी चीचली जो सतधारा पर वर्तमान समय में रह रहा था, उक्त प्रकरण दिनांक 15-11- 24 को 1 किलो 900 ग्राम गांजे की जप्ती सतधारा पर की गई थी, जो कि प्रकरण में महिला आरोपी होनी थी और रातों-रात आरोपी बदलकर मामला मोनू नामक व्यक्ति पर दर्ज कर उसे जेल पहुंचा दिया गया है । मामले का अपराध क्रमांक 10 29/24 धारा 8/2BNDPSACT है। जिसमें जप्ती 1 किलो 900 ग्राम की है । क्षेत्र भर में चर्चा है कि मामला फर्जी बनाया गया है इसकी जांच होना चाहिए । यदि इस तरह आरोपी बदलकर फर्जी कैसे बनेगे तो पुलिस प्रशासन पर से लोगों का विश्वास उठ जाएगा । इसलिए भ्रष्टाचार में सनलिप्त ऐसे कर्मचारियों को उनकी किए की सजा मिलनी चाहिए। उक्त मामले में उच्चाधिकारियों को गंभीरता से लेना चाहिए। जिसमें लोगों का विश्वास पुलिस प्रशासन पर बना रहे ।
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