बगैर निराकरण छलछिद्र कर कटवा दी सीएम हेल्पलाइन
नरसिंहपुर वर्षों से क्षेत्रभर में अनेकों स्थानों पर घूम घूमकर पीड़ित मरीजों के साथ खिलवाड़ कर रहे झोलाछाप डॉक्टर जड़ी बूटियो का पाउडर कहकर मरीज का इलाज करते चले आ रहे हैं और मरीजों को किसी किस्म का आराम नहीं लग पाता जनचर्चा है कि जब तक दवाइयों का सेवन करते हैं तो कुछ दिनों तक आराम रहता है और उक्त झोलाछाप की दवाइयां छोड़ते ही पुनः दर्द यथावत बन जाता है दवाइयां देखी जाए तो कुछ दिनों बाद वे असर हो जाती है । हम बता दें कि बीते माह इस झोलाछाप की शिकायत की गई थी परंतु दवाइयों के सैंपल लेने के बाद यह झोलाछाप की जांच के चलते अभी तक स्वयंभू कहे जाने वाले डॉक्टर का आना बंद नहीं किया गया, वही नरसिंह मंदिर में बैठने वाले रवि शर्मा अंकित शर्मा की टीम जो पुड़िया की दवाई देते हैं वह कहते हैं कि हमारा तो सब ले देकर चल रहा है, एक वीडियो में यह स्पष्ट रूप से कह रहा है कि पुलिस को भी पैसे देने पड़ते हैं और संबंधित विभाग को भी बिना लिए दिए काम कैसे चलेगा। इनका तो काम चल रहा है लेकिन क्षेत्र भर से जो मरीज आ रहे हैं, वह ठगी महसूस कर रहे हैं परंतु वह मरीज भी क्या करें इनके नए-नए हाथ कांडों में फंस रहे हैं, यह फर्जीवाडां बंद होना चाहिए ।और विभाग में बैठे अधिकारी कर्मचारी पर शिंकजा कहते हुए इन धनपिपासु को उस पद से मुक्त करना चाहिए ।
आए जाए धनी का, दो पसो से काम
लंबे अरसे से देखा जा रहा है कि जिला अस्पताल में पदस्थ अधिकारी कर्मचारियों को इस तरह के कारोबारी से सिर्फ अर्जित करने के अलावा कोई सरोकार नहीं है । ऐसी स्थिति में इन झोलाछापों के हौसले बुलंद होते चले जा रहे हैं एक तरफ कोरोना लाकडाऊंन के समय सरकार का कहना रहा कि एक गरीब व मध्यम परिवार के व्यक्ति का परिवार तकरीबन 5000 रू.में पूर्ण रूप से चल जाता है तो दूसरी तरफ इन लाखों की सैलरी पाने वाले अधिकारी कर्मचारी वर्ग की पूर्ति क्यों नहीं हो पाती जो क्षेत्र भर की आवाम में चर्चा का विषय बना हुआ है सैलरी के अलावा बगैर भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी के उनके परिवार का चलना बमुश्किल हो रहा हैं तो सरकार को चाहिए कि एसे अधिकारी कर्मचारियों की कोई ठोस व्यवस्था करें ।
ना कोई सर्टिफिकेट,ना कोई रजिस्ट्रेशन, खुलेआम बेची जा रही कई भभूति में पेन किलर एवं अन्य मेडिसिन से बनी पुड़िया मात्र ₹200
ज्ञातव्य हो कि विभागीय अमले को सीएम हेल्पलाइन शिकायत पर इतनी आपत्तियां होती है कि वह कटवाने के लिए किसी भी हद तक गिर सकते हैं विजय दिवस शिकायतकर्ता के पास उक्त नंबर
(9131000350) से फोन आया और ओटीपी मांगा गया की सीएम हेल्पलाइन से बोल रहा हूं एक ओटीपी आया है उसको बता दीजिए आपकी कार्यवाही आगे बढ़ चुकी है और वह स्थान पर अब इस तरह के भभूति बेचने वाले नहीं आएंगे, परंतु कार्यवाही की तो छोड़ उक्त स्थान पर स्थान भभूति डॉक्टर विराजमान होकर उसी दिन मतलब 1 सितंवर 24 को मंदिर से भभूति बेच रहा था जिसके वीडियो फुटेज जाकर दो पत्रकारों ने जाकर बनाए हैं । हम बता दें कि जो भी जिम्मेदार विभाग में बैठे हैं वह कही पुलिस के ऊपर डालते हैं और पुलिस स्वास्थ्य विभाग के ऊपर डालते हैं ऐसे हालातो में खबरें प्रकाशन तो हो ही रही हैं लेकिन विभागीय अमला एकदम अपनी जिम्मेदारियां से मुंह मोड़ रहा है, हालत यह है कि अब जनता को ही जागरूक होना चाहिए और विभागीय अधिकारियों पर भी शिकंजा कसना चाहिए ।
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