भाजपा प्रत्याशी कौन बना जन चर्चा का विषय
HR Times News नरसिंहपुर :- वैसे तो मध्यप्रदेश की 230 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशी क्षेत्र का चहुंमुखी विकास करवाने और महत्वपूर्ण योजनाओं को लेकर जनता के बीच पहुंच रहे हैं और उन्हें यह भरोसा दिला रहे हैं कि यदि वे इस बार विधायक बनते हैं तो क्षेत्र में वे सभी कार्य होंगे जिससे क्षेत्र अभी तक वंचित है वही राज्य में अधिकतर विधानसभा ऐसी है जहां के विधायक पूर्व में भाजपा के रहे हैं उसी क्रम में नरसिंहपुर विधानसभा भी विगत 18 वर्षों से भाजपा का किला बनी हुई है लेकिन इस बार नरसिंहपुर विधानसभा जहां जन चर्चा का विषय है कि भाजपा प्रत्याशी है कौन पहलाद सिंह पटेल या उनके अनुज जालम सिंह पटेल जिनके विकास की रिपोर्ट कार्ड में शुन्य है क्षेत्र के मतदाताओं से बातचीत में उन्होंने बताया, अधिकतर लोग जानते ही नहीं कि भाजपा प्रत्याशी है कौन विधानसभा चुनाव अपने अंतिम चरण में लेकिन नरसिंहपुर विधानसभा के मतदाताओं को अभी तक ज्ञात नहीं असल भाजपा प्रत्याशी है कौन, पूर्व जनता प्रतिनिधि ही सारे क्षेत्र में मतदाताओ को भाजपा प्रत्याशी के लिए प्रचार प्रसार करते दिखा है वही भाजपा प्रत्याशी की उपस्थिति अपनी विधानसभा छोड़ सारे राज्य में अधिक रही है ।
केंद्रीय मंत्री अपने कार्यकाल में क्यों नहीं दे पाए नरसिंहपुर को एक भी सौगात।
भाजपा प्रत्याशी ने केंद्र की राजनीति में कई मंत्री पदों पर रहकर जिले का मान बढ़ाया है किंतु आस्था का केंद्र नरसिंहपुर मे जहां अनेकों प्राचीन धार्मिक स्थल है मां नर्मदा जगतगुरु शंकराचार्य के गुरु की तपोभूमि गुफा भगवान नरसिंह का मंदिर जैसे अनेको प्राचीन धार्मिक स्थल जीणोद्धार की राह देख रहे हैं विकास धर्म और क्षेत्र प्रत्याशी के आधार पर चुनाव लड़ने वाले भाजपा प्रत्याशी की ऐसी कौन सी मजबूरी रही जो उनके कार्यकाल में एक भी सौगात नरसिंहपुर को क्यों नहीं मिली केंद्र में भाजपा शासित सरकार राज्य में भाजपा शासित सरकार नरसिंहपुर विधानसभा में भाजपा विधायक होने के उपरांत भी पिछले 18 वर्षों से नरसिंहपुर विधानसभा विकास के लिए क्यों तरस रही है विगत 18 वर्षों में विधानसभा में सिर्फ भ्रष्टाचार भय अवैध व्यापारों का ही विकास क्यों हुआ, किसका संरक्षण इन व्यापारों को प्राप्त रहा जिनके सानिध्य में यह फले भी और फूले भी है ।
माह में एक दिन उपस्थित रहकर भाजपा प्रत्याशी कर रहे विकास के दावे।
भाजपा प्रत्याशी द्वारा अपनी प्रेस वार्ता में बताया गया कि माह में एक दिन विधानसभा में उपलब्ध रहूंगा जिसमें जनता की समस्याएं भी वह सुनेगे पार्टी की मीटिंग भी लेंगे और प्रेसवार्ता भी करूंगे और वह वही जन समस्याओं को सुनेगे इन्होंने यह भी कहा कि"जो मेरे पास फिल्टर होकर आएंगी" जनता असमंजस की स्थिति में है कि 29 दिन अगर हमें किसी समस्या से दो चार दिन यहां वहां होना पड़ता है तो हम किसके पास जाएंगे और भाजपा प्रत्याशी के दिए बयान से ऐसा लगता है की मतदाताओं के मतदान देने से पहले ही उन्होंने अपने आप को विजय घोषित कर लिया है यह अहंकार है या विश्वास यह आने वाला समय ही बतायगा।
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