शराब ठेकेदार के फैले हाथ,जहां हो रही आमजनों को परेशानी, वही खोली गई शराब दुकान


शराब ठेकेदार का फैला व्यापार,जिस जगह स्थानीय बाशिंदों को हो रही परेशानी वही खोल रखी हैं कमअपोजिट शराब दुकानें 
 संपादक हेमराज विश्वकर्मा 

HR Times News नरसिंहपुर -  मध्यप्रदेश सरकार में हमारे यशस्वी मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जी द्वारा माफियाओं के विरुद्ध अभियान चलाया जा रहा है और प्रशासनिक अमला दुबक कर धनअर्जित करने की फ्रॉक में रहता है। जनता हितैषी गतिविधियों से कोई सरोकार नहीं है। आपको बता दें कि इतवारा बाजार शराब दुकान को लेकर 1 सितंबर से चल रहे अभियान में सिर्फ स्थानीय लोग व पत्रकार साथियों की एक ही मांग है। कि इतवारा बाजार शराब दुकान का स्थानांतरण हो जिससे राजीव वार्ड की आवाम एवं क्षेत्रीय लोगों को लगातार हो रही परेशानियों से निजात मिल सके । इसलिए यह लोग धरने पर बैठे हुए हैं।  बावजूद जिला प्रशासन के कानों में आज तक जूं नहीं रेंग रही है। और प्रशासनिक क्रियाकलापों से स्थानीय आवाम हलाकान है साहब ? अब तो धीरे धीरे जिले की जनता इस धरने से भली भांति परिचित हो चुकी है, कि जिला प्रशासन की हठधर्मिता जिले की आवाम के अकीदे को तोड़ने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है। 

 सत्तारूढ़ पार्टी भाजपा को उठाना पड सकता है भारी खामियाजा

आने वाले चुनाव की सुगबुगाहट शुरू हो चुकी है ऐसी स्थिति में सत्तारूढ़ पार्टी को शराब दुकान स्थानांतरण पर जोर लगाकर इस शराब दुकान को यहां से कटवाना चाहिए अन्यथा ना लें चुनावी सुगबुगाहट की शुरुआती प्रक्रिया में जनचर्चा हो रही है कि भारतीय जनता पार्टी को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा, यह इतवारा बाजार शराब दुकान शराबियों के लिए एक प्रमुख अड्डा बनकर रह गया है। जिससे क्षेत्रीय महिलाओं बुजुर्ग बच्चों एवं राहगीरों को आवागमन करने में भारी जोखिम उठाना पढ़ रहा है इतना ही नहीं रविवार को जब बाजार लगता है तब दृश्य देखने लायक होता है कहीं महिलाओं को तर्क वितर्क करते हुए कई शराबियों के द्वारा देखा जा सकता है और कभी-कभी तो  स्थानीय दुकानदारों से भी अभद्रता करते हुए देखने मिलता है।

 ऐसे माहौल में मंदिरों तक नहीं पहुंच पा रही स्थानीय महिलाएं व बच्चे 

हम बता दें कि  इतवारा बाजार शराब दुकान के सामने हनुमान मंदिर एवं शनिमंदिर और रुद्र अवतार भगवान का शिवालय और इस मार्ग से चंद्र दूरी पर परमपिता ब्रह्मकुमारी आश्रम भी है लोगों का कहना है कि यहां पर सुबह सब्जी मंडी लगती है और इस मार्ग से ब्रह्मकुमारी आश्रम आवागमन भी है। एक और चिंतन का विषय पीजी कॉलेज, ब्रांच स्कूल भी है और यहाँ पढ़ने वाले बच्चो का इस शराब दुकान की आकर्षण बढ़ता देखा जा सकता है और जब हमारी युवा पीढ़ी को शराब की लत लगेगी तो हालात गर्त में ही होंगे साब जी। यह बड़ा विचारणीय विषय है।

अब आबकारी विभाग की गाइडलाइन पर नजर ही डालें साहब 

आपकारी विभाग की गाइडलाइन अनुसार यह स्पष्ट है कि शराब दुकान हाईवे से 500 मीटर दूर होना चाहिए लेकिन यह वह ठेकेदार हैं जो हाईवे से शराब दुकान वर्तमान समय में 220 मीटर और तनक कगर में केंद्रीय विद्यालय, दूध डेयरी व शासकीय कार्यालय ग्राम पंचायत नकटुआ एवं पशु चिकित्सालय, शिक्षक कॉलोनी भी यहाँ स्थित है। इस शराब दुकान से हाईवे 220 मीटर दूर है यही कारण आए दिन चौराहे पर दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं लेकिन यहां भी प्रशासन का ध्यान आकर्षित नहीं हो रहा है, अगर आंकड़ों की बात की जाए तो जानकारी स्पष्ट होगी, कि जबसे नकटुआ स्थित शराब दुकान संचालित हुई तबसे दुर्घटनाएं बढ़ी है। ग्रामीणों का कहना है कि जब यह नकटुआ शराब दुकान स्थान परिवर्तित हुई थी तब ठेकेदार के ग्राम पंचायत से परमिशन लेनी चाहिए थी (जिसे एन ओ सी भी कह सकते है) लेकिन ठेकेदार ने प्राप्त नहीं की और नकटुआ शराब दुकान संचालित कर दी, यह बात ग्रामीणों की समझ से परे है । इन जैसे  ठेकेदारों के लिए कमर्शियल डायवर्सन भी आवश्यक नहीं है क्या ? सिर्फ सारे नियम कानून आमजनों पर लागू होते हैं। धनपिपासुओ पर क्यों नहीं साहब ? जिला प्रशासन को इस खबर पर अपना ध्यान आकर्षित करना चाहिए, जिससे आमजनों को सुविधाएं और सुखचैन प्राप्त हो सके ।

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