पुरुषार्थी जीवन का सरोकार गणेश चतुर्थी
श्री गणेश जी का अध्यात्मिक विधि से दर्शन
HR TIMES NEWS हेमराज विश्वकर्मा नरसिंहपुर- प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय दिव्य संस्कार भवन ब्रह्माकुमारी आश्रम में सब की बातों को समाने वाले, व विपरीत परिस्थितियों या असमंजस की स्थिति में उसको बाहर ना करने वाले लंबोदर हैं । और श्रेष्ठ स्थिति का द्योतक जो बाहर सबके साथ और अंदर अपने पुरुषार्थ पर बहुत अधिक ध्यान देने वाले जिनके दिखाने के दांत कुछ और खाने के कुछ और हैं । वह (एकदंत ) हैं।
हम बता दें कि :- गणों में जिनको हम सभी देवताओं में सबसे पहले पूजते हैं, ऐसे विघ्न विनाशक की याद में गणेश चतुर्थी पर्व मनाते हैं । और भक्ति मार्ग में गण अर्थात जो परमात्मा के समीप आत्माएं हैं। जिनसे सृष्टि का पूरा तंत्र चलता है । उनमें से सर्वश्रेष्ठ गण गणेश को माना जाता है । जो गणों में श्रेष्ठ हैं, इसी का उद्धरण लेकर भारतीय संविधान में गणतंत्र की बात कही गई है । जिसमें विभिन्न राज्यों के राज्यपालों व सर्वश्रेष्ठ प्रतिनिधियों द्वारा राष्ट्रपति का चुनाव किया जाता है जो कि भारत का प्रथम नागरिक माना जाता है । इस प्रथम नागरिक को सर्वश्रेष्ठ अधिकार है, जो किसी को भी जीवन दान दे सकता है ।
यह परंपरा चली तो कहां से चली होगी ?
निश्चित रूप से प्राचीन काल के किसी ग्रंथ या पौराणिक बातों से सरोकार है । इसलिए संविधान में कानून को लागू होने का यादगार "एक दिवस" के रूप में मनाया जाने लगा, जिसको गणतंत्र दिवस कहते हैं । भगवान गणेश जी को विघ्नविनाशक की संज्ञा दी जाती है। क्योंकि उन्होंने सबसे पहले अपनी कर्म इंद्रियों पर विजय प्राप्त की । जो अनावश्यक व व्यर्थ बातों से सर्वथा मुक्त हैं। जिनके अंदर मानसिक रूप से कोई संकल्प विकल्प नहीं है । फालतू बातों को उड़ा देने के कारण बड़े कान दिखाते हैं । और चूहे का आध्यात्मिक अर्थ माया से है । मनोवैज्ञानिकों के आधार पर दुनिया का सबसे बुद्धिमान और ईमानदार प्राणी हाथी है । प्राणियों में विवेकशील प्राणी मनुष्य है । छोटी आंखें (सिविलाइज) सबको बड़ा व ऊंचा देखना,भावना व विवेक के संतुलन से सर्व के प्रति ऊंची दृष्टि हो जाती है ।
धरती से बड़ी मां,और आकाश से बड़ा पिता को माना गया है । धरती का आध्यात्मिक अर्थ देह अभिमान और आकाश का अर्थ अहम है ?
जो दोनों से ऊपर उठ गया वहीं सिद्धिविनायक गणेश है। ऐसे गणपति उत्सव की आप सभी को हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं ।
संपर्क सूत्र :- प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय दिव्य संस्कार भवन ब्रह्माकुमारी मार्ग हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी नरसिंहपुर फोन 07792232523 ।
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