गल्ला मंडी क्षेत्र मौजा 46 ग्राम पंचायत क्षेत्र नहीं स्थानीय बाशिंदों को दिए पंचायत सचिव द्वारा संपत्ति कर नोटिस
हेमराज विश्वकर्मा
HR TIMES NEWS:-नरसिंहपुर:- मध्यप्रदेश शासन पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग मंत्रालय भोपाल से जारी नोटिस अनुसार स्पष्ट है कि पंचायत क्षेत्र में संपत्तिकर निर्धारण एवं कर संकलन के लिए प्रभावी कार्यवाही किए जाने के संबंध में ग्राम पंचायत रौसरा द्वारा संपत्तिकर के जो नोटिस दिए गए हैं वह क्षेत्र ग्राम पंचायत रौसरा का नहीं है। फिर किस आधार पर ग्राम पंचायत द्वारा नोटिस जारी किए गए है । यह विचारणीय विषय है। कि गल्ला मंडी क्षेत्र के स्थानीय निवासियों को जो पटवारी हल्का नंबर 46 नंबर बंदोबस्त क्रमांक 501 मौजा रौसरा का है ।
जानकारी के मुताबिक:- यह क्षेत्र ना तो ग्राम पंचायत रौसरा में आता है ना तो नगरपालिका क्षेत्र की सीमा अंतर्गत आता है। स्थानीय बाशिंदों ने कई बार इस समस्या को लेकर नगरपालिका एवं जनपद पंचायत में सम्मिलित होने के लिए आवेदन भी किए हैं । परंतु आज दिनांक तक प्रशासनिक अमले व राजनैतिक तंत्र के कानों में आज तक जू नहीं रेंग रही हैं ।
हम बता दें कि:- ग्राम पंचायत रौसरा की सीमा चंदनदेवी मिडिल स्कूल से रेलवे अंडर ब्रिज विपतपुरा तक सीमित है । लेकिन पंचायत की मनमानी गल्ला मंडी तक पहुंच रही है।
ज्ञातव्य हो कि जिस क्षेत्र में नोटिस दिए गए हैं वह पंचायत क्षेत्र अंतर्गत नहीं आता ना ही ग्राम पंचायत जनपद पंचायत का कोई वार्ड है।
इतना ही नहीं :- उक्त क्षेत्र पटवारी के मौजा अंतर्गत राजस्व विभाग में दर्ज है । और वह ग्राम पंचायत सीमा में नहीं है वह क्षेत्र राजस्व विभाग रौसरा मौजा के अंतर्गत आता है । फिर भी ग्राम पंचायत रौसरा की हठधर्मिता देखें ? कि वहां के स्थानीय निवासियों को संपत्तिकर के नाम नोटिस दे दिया गया है क्या कारण है ?
हठधर्मीता नहीं, पद की गरिमा बचाएं
प्रशासन ग्राम पंचायत रौसरा सचिव से यह जानकारी लें कि किस विचारधारा अंतर्गत मौजा पटवारी हल्का नंबर 46 के स्थानीय बाशिंदों को नोटिस दिया है। जबकि उक्त क्षेत्र में ग्राम पंचायत का कोई हस्तक्षेप नहीं है। ना तो वहां पंचायत द्वारा विकास कार्य होता है । और ना कोई निर्माण कार्य होता है। ना कोई टैक्स वसूली होना चाहिए ?
लेकिन प्रशासनिक पद पर विराजमान सचिव, जीआरएस तक एवं सूत्रों से प्राप्त जानकारी अनुसार जनपद तक के कुछ जिम्मेदार अधिकारी कर्मचारी की मिलीभगत के कारण यह नोटिस ग्राम पंचायत द्वारा जारी किए गए हैं । यदि इन लोगों से ग्राम पंचायत द्वारा संपत्ति कर की वसूली की जाती है तो वहां के बाशिंदों को ग्राम पंचायत की मतदाता सूची में सम्मिलित किया जाए, और वहां के निवासियों को ग्राम पंचायत से मिलने वाली सुविधाएं मुहैया कराई जाए ।
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