रानी दुर्गावती का बलिदान दिवस मनायागोटेगाँवसरस्वती उच्चतर माध्य विद्यालय गोटेगांव में गोंडवाना बल्कि महारानी रानी दुर्गावती का आज बलिदान दिवस मनाया गया संस्था प्राचार्य कमलेश तिवारी ने ने कहा कि 5 अक्टूबर 1524 को बांदा जिले के कालिंजर में हुआ था इनके पिता का नाम कीर्ति सिंह चंदेल था इनका 18 वर्ष की उम्र में विवाह दलपत शाह गोडवाना नरेश गढ़ मंडला की निवासी थी इनके साथ हुआ 1 वर्ष बाद पुत्र जन्म लिया जिसका नाम वीरनारायण था कुछ समय बाद दलपत शाह की मृत्यु हो गई पुत्र को राजगद्दी देकर संरक्षिका बनकर राज्य का शासन चलाया 1556 में मालवा के सुल्तान बाज बहादुर ने इनके क्षेत्र पर आक्रमण किया दुर्गावती ने उस मुकाबला किया हरा दिया उस समय दिल्ली में अकबर का शासन था अकबर ने अपने सेनापति आसिफ खान को गढ़ मंडला जीतने के लिए भेजा दो बार आसिफ खान पराजित हुआ लेकिन तीसरी बार 1664 को विशाल सेना लेकर उसने आक्रमण किया युद्ध के दौरान महारानी आंख में तीर लग गया घायल होने पर उन्होंने मुगलों से बचने के लिए स्वयं कटार मालिनी और शहीद हो गई शहीद स्थान आधुनिक समय में जबलपुर के पास बरेला मंडला रोड पर आज भी समाधि बनी हुई है कार्यक्रम में प्रधानाचार्य नर्मदा गुप्ता प्रदीप नामदेव अनिल अग्निहोत्री कृष्णकांत गढ़वाल लोकेंद्र नेमा मुकेश सोनी मनमोहन सोनी गुलाब मेहरा राजेश मेहरा राम सिया मिश्रा उपस्थित थे
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